नवबिहार टाइम्स ब्यूरो,
पटना। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का पुनर्गठन किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से बुधवार शाम जारी अधिसूचना में 18 सदस्यों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें बिहार के दो प्रमुख हस्तियों को स्थान मिला है। इसमें फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम और सिने अभिनेता पंकज त्रिपाठी शामिल हैं। बाेर्ड में फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम का नाम पहले स्थान पर है। वहीं, गोपालगंज के रहने वाले सिने अभिनेता पंकज त्रिपाठी बोर्ड के सदस्यों में शामिल हैं।
विनोद अनुपम ने बताया कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का सदस्य बनकर काफी खुशी हो रही है। सिनेमा की कसौटी पर अब नई भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी। जिस तरह फिल्में और ओटीटी पर कार्यक्रम आ रहे हैं, उसमें सेंसर बोर्ड की जवाबदेही बढ़ गई। सेंसर बोर्ड के अनुसार दर्शकों के बीच अच्छी फिल्म पहुंचे यह मेरा प्रयास रहेगा। फिल्मों के प्रति सेंसर बोर्ड की जवाबदेही बढ़ जाती है। इस दिशा में बेहतर कार्य करने का प्रयास होगा। बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम के परामर्शी अरविंद रंजन दास ने बताया कि प्रदेश की खुशी की बात है।
हालांकि सेंसर बोर्ड के नियमों का पालन सभी को करना होगा। इनकी देखरेख में अच्छी फिल्म बने जो बिहार के फिल्म उद्योग को बढ़ावा दे सके। पंचायत वेब सीरीज में अपनी पहचान बनाने वाले बिहार के अभिनेता बुल्लू कुमार ने बताया कि सेंसर बोर्ड में प्रदेश के दो प्रमुख हस्तियों का नाम शामिल होना गर्व की बात है। इनके रहने से प्रदेश को अच्छी फिल्में देखने का अवसर मिलेगा। कुछ त्रुटियां होने पर इसमें सुधार की शत-प्रतिशत गुंजाइश होगी। कौन सी फिल्म बोर्ड में गई है वह दर्शकों के लिए सही होगा की नहीं सारी बातों पर ध्यान रखा जाएगा।
पंकज त्रिपाठी बॉलीवुड में अपना स्थान स्थापित कर चुके हैं। 5 सितंबर 1976 को गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव में जन्म लेने वाले पंकज को गैंग्स ऑफ वासेपुर से खास पहचान मिली। इसके बाद मिर्जापुर, मसान, न्यूटन जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा। न्यूटन के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड भी मिल चुका है। विनोद अनुपम देश के चर्चित फिल्म समीक्षक के रूप में जाने जाते हैं। बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर के रहने वाले विनोद अनुपम को 2002 के 49वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का सम्मान दिया गया था।