नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित “नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत” कार्यक्रम का देशभर के 125 चयनित शिक्षण संस्थानों में एक साथ आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी (जेन-जी) को नशामुक्त जीवन के प्रति प्रेरित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए बिहार के चयनित महाविद्यालयों में शामिल गया कॉलेज, गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों के साथ लाइव जुड़े और उन्हें संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त होगा। उन्होंने कहा कि एक नशामुक्त युवा केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रगति का आधार बनता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केसरी थे। विशिष्ट अतिथियों में कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, कुलानुशासक प्रो. कृष्णदेव प्रसाद वर्मा तथा राष्ट्रीय सेवा योजना, मगध विश्वविद्यालय के समन्वयक डॉ. पिंटू कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गया कॉलेज, गया के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र ने की।

प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि गया कॉलेज के लिए यह अत्यंत गौरव और ऐतिहासिक अवसर है कि प्रधानमंत्री ने सीधे यहाँ के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रमाण है तथा इससे विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण के प्रति नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी दिलाया।
कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने युवाओं से सकारात्मक सोच, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा “नशा” अपनाइए जो आपको सफलता, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की ओर ले जाए।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केसरी ने गया कॉलेज की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों की सामाजिक जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से गाँव-गाँव और मोहल्लों में नशा मुक्ति अभियान चलाकर समाज को जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर कुलपति ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र एवं कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्र को सम्मानित किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में गया कॉलेज राष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियाँ प्राप्त करेगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयंसेवकों के अनुशासन, समर्पण और अथक परिश्रम के कारण गया कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है।
अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. पिंटू कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कुलपति से प्रत्येक महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई में नशा मुक्ति सहायता केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया, ताकि गया शहर एवं आसपास के क्षेत्रों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सके।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी, बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, छात्र-छात्राएँ तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।