नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज जिले में किसानों को निर्धारित दर एवं पारदर्शी व्यवस्था के तहत उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औरंगाबाद, बारुण एवं नवीनगर प्रखंडों में उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध विशेष सघन जांच अभियान चलाया गया।
इस अभियान के अंतर्गत जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा कुल 16 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान 7 उर्वरक प्रतिष्ठानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के आलोक में राघव खाद दुकान, चरण में पॉश (PoS) मशीन में उपलब्ध स्टॉक की तुलना में भौतिक उर्वरक की मात्रा कम पाई गई। वहीं मेसर्स शिव पार्वती एंटरप्राइजेज, चरण के गोदाम में अनधिकृत रूप से उर्वरक भंडारित पाया गया।
इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर संबंधित प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है तथा उनकी उर्वरक वितरण अनुज्ञप्ति निलंबित करते हुए उर्वरक विक्रय पर रोक लगा दी गई है।
इसके अतिरिक्त माँ लक्ष्मी खाद भंडार, जम्होर द्वारा उपलब्ध स्टॉक के बावजूद किसानों को उर्वरक उपलब्ध नहीं कराए जाने, कृषक उर्वरक केंद्र, सिरिस द्वारा किसानों को उर्वरक विक्रय की रसीद नहीं देने, महादेवा ट्रेडर्स, सोनौरा द्वारा बिना पॉश मशीन के उर्वरक विक्रय करने तथा दुर्गावती खाद भंडार, खंभा एवं जयंती खाद भंडार, मंझियावां को बिना पूर्व सूचना प्रतिष्ठान बंद रखने के कारण संबंधित उर्वरक विक्रेताओं से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उर्वरक वितरण व्यवस्था में अनियमितता, कालाबाजारी अथवा निर्धारित नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में उर्वरक विक्रेताओं की जांच एवं निगरानी अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।