नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को हो रहे राजस्व नुकसान को रोकने के लिए मसौढ़ी-2 विद्युत आपूर्ति प्रशाखा की टीम ने नदौल एवं गोपालपुर मठ इलाके में सघन छापेमारी अभियान चलाया। कनीय विद्युत अभियंता आशीष कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में छह उपभोक्ताओं के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई। विभाग ने सभी मामलों में कुल 2 लाख 21 हजार 322 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया है। यह राशि कम्पाउंडिंग शुल्क के अतिरिक्त है।
छापेमारी टीम में संजय कुमार, बिरेन्द्र कुमार, बिनोद प्रसाद एवं मोहम्मद रसूल शामिल थे। नदौल गांव में चार घरेलू और एक कृषि कनेक्शन में बिजली चोरी पकड़ी गई। शबनम प्रवीण, मोहम्मद फारूख, स्वर्गीय मोहम्मद रफीक आलम के पुत्र नदीम कौशर और सरवरी खातुन के घरों में पोल से मीटर तक आने वाले इनपुट तार में कटिंग कर दूसरे तार जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था।
वहीं, कृषि कार्य के लिए शंभु कुमार द्वारा बिना वैध कनेक्शन के एलटी लाइन में टोका लगाकर पटवन किया जा रहा था। इन पांचों स्थानों पर कुल 3661 वाट का विद्युत भार पाया गया। विभाग ने इन मामलों में कुल 68,410 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया।
सबसे बड़ी बिजली चोरी एनएच-22 पर भारत पेट्रोल पंप के समीप गोपालपुर मठ स्थित मगध रेस्टोरेंट ढाबा में पकड़ी गई। संचालक मनीष कुमार के व्यावसायिक परिसर में जांच के दौरान 2962 वाट का भार पाया गया। विभाग के अनुसार इस मामले में कंपनी को 1 लाख 77 हजार 912 रुपये के राजस्व नुकसान का आकलन किया गया है।
छापेमारी के दौरान बिजली चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे पीवीसी तार जब्त कर लिए गए। विभाग के अनुसार सभी छह मामलों में कुल 2 लाख 21 हजार 322 रुपये की राजस्व क्षति का आकलन किया गया है। सभी संबंधित उपभोक्ताओं ने मौके पर मीटर उखाड़ने से इनकार कर दिया।
कनीय विद्युत अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि सभी आरोपितों के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत मसौढ़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।