पद्मश्री डॉ. रविंद्र कुमार सिन्हा ने छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति किया सजग, बोले- जीवन की गुणवत्ता रिश्तों और व्यवहार से तय होती है
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुंगेर। मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियों के उत्सव के रूप में मंगलवार को मुंगेर विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में कुल 762 छात्र-छात्राओं को डिग्री एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें 53 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 48 को सिल्वर मेडल और 45 विद्यार्थियों को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि नालंदा खुला विश्वविद्यालय एवं माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, जम्मू के पूर्व कुलपति तथा पद्मश्री से सम्मानित डॉ. रविंद्र कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों को अकादमिक उपलब्धि के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने और जीवन में मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

दीक्षांत समारोह की औपचारिक शुरुआत कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय के नेतृत्व में निकाली गई विद्वत शोभायात्रा से हुई। इसके बाद राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। समारोह में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत बाल वृक्ष, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर किया गया।
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. संजय कुमार ने स्वागत भाषण के साथ विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं को दीक्षा वाक्य के माध्यम से दीक्षा शपथ भी दिलाई।

कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान लगातार शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भूमि आवंटन, विस्तार, छात्र दरबार, शिक्षकों की प्रोन्नति, सीनेट चुनाव, रबर पर शोध, डिग्री कॉलेजों में 195 शिक्षकों एवं 19 प्रधानाचार्यों की नियुक्ति, अनुकंपा के आधार पर 19 कर्मचारियों की नियुक्ति तथा पीएम उषा के तहत महाविद्यालयों को प्राप्त फंडिंग जैसी उपलब्धियों की जानकारी दी।
उन्होंने मुंगेर विश्वविद्यालय के यूट्यूब चैनल की शुरुआत, एनएसएस के माध्यम से 600 युवा आपदा मित्रों की भागीदारी, राष्ट्रीय एकता शिविर में बेहतर प्रदर्शन, एनसीसी एवं खेलकूद की उपलब्धियों तथा तृतीय दीक्षांत समारोह की लाइव स्ट्रीमिंग का भी उल्लेख किया।
कुलपति ने अपने संबोधन का समापन श्रीमद्भगवद्गीता के चौथे अध्याय के 38वें श्लोक के भावार्थ से किया। उन्होंने कहा कि इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाली दूसरी कोई वस्तु नहीं है। योग द्वारा सिद्ध व्यक्ति समय के साथ उस दिव्य ज्ञान को स्वयं आत्मसात कर लेता है।
मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. रविंद्र कुमार सिन्हा ने दीक्षांत भाषण में विद्यार्थियों को जीवन के व्यावहारिक पक्ष और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह शैक्षणिक जीवन से व्यावहारिक जीवन की ओर बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में बेहतर संबंध और व्यवहार बनाए रखने की सलाह देते हुए कहा कि “क्वालिटी ऑफ रिलेशनशिप डिफाइंस क्वालिटी ऑफ लाइफ।” अर्थात व्यक्ति के संबंधों की गुणवत्ता ही उसके जीवन की गुणवत्ता को परिभाषित करती है। उन्होंने कहा कि हमारा व्यवहार इस बात को दर्शाता है कि हमारे जीवन की गुणवत्ता कैसी है।
डॉ. सिन्हा ने कहा कि “पैशन एंड वैल्यूज आर ट्रू गाइड्स ऑफ लाइफ।” विद्यार्थियों को अपने करियर में ऐसे कार्यों का चुनाव करना चाहिए, जिनसे उन्हें केवल आर्थिक सफलता ही नहीं, बल्कि आंतरिक खुशी और संतुष्टि भी प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का होना भी आवश्यक है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. दशरथ प्रजापति के नेतृत्व में आयोजित डिग्री वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के 53 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल, 48 को सिल्वर मेडल तथा 45 को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किए गए।
इसके अलावा वाणिज्य के डीन डॉ. राज मनोहर, विज्ञान के डीन डॉ. विनोद कुमार, सामाजिक विज्ञान की डीन प्रो. डॉ. रंजना सिंह तथा ह्यूमैनिटीज के डीन प्रो. डॉ. भवेश चंद्र पांडे के नेतृत्व में कुल 762 विद्यार्थियों को डिग्री एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
दीक्षांत समारोह के दौरान मुंगेर विश्वविद्यालय की दो डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गईं। विश्वविद्यालय की उपलब्धियों एवं गतिविधियों को दर्शाने वाली इन डॉक्यूमेंट्री के निर्माण में डॉ. मंजुलाल, राज अभिजीत और हर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मुंगेर विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. डॉ. महेश्वर मिश्र उपस्थित रहे। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए दीक्षांत समारोह की सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय की पूरी टीम को दिया। मंच संचालन प्रो. डॉ. विद्या कुमार चौधरी ने किया।
कार्यक्रम का सफल संयोजन कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय के नेतृत्व में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में एनएसएस समन्वयक मुनिंन्द्र कुमार सिंह, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनएसएस कार्यालय कर्मियों एवं परीक्षा विभाग के कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त डॉ. अंशु राय, डॉ. प्रियरंजन तिवारी, डॉ. नेहा, डॉ. प्रभाकर पोद्दार, डॉ. स्मृति तथा डॉ. प्रियंवदा शर्मा ने विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह में डिग्री और मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर उपलब्धि की खुशी साफ दिखाई दी। विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल रहा। दीक्षांत समारोह ने विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मान देने के साथ ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया।