विधायक अरुण मांझी बोले- पुनपुन को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। पुनपुन नदी तट पर शुक्रवार से 17 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुनपुन पितृपक्ष मेले का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन विधायक अरुण मांझी, एडीएम राजस्व अशोक कुमार, एसडीएम धनराज कुमार एवं डीएसपी राघव दयाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर प्रखंड प्रमुख गुड़िया देवी, जदयू जिलाध्यक्ष अशोक कुमार, अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी धर्मवीर कुमार, बीडीओ उदय कुमार, शैलेश पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
पुनपुन नदी तट पर आयोजित होने वाले इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने अपने पूर्वजों का पहला पिंडदान पुनपुन घाट पर किया था। इसी धार्मिक एवं पौराणिक महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष के दौरान यहां मेले का आयोजन किया जाता है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक अरुण मांझी ने कहा कि पुनपुन नदी का धार्मिक और पौराणिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्षेत्र के विकास के लिए अभी और कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुनपुन को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने जिला प्रशासन को मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और आम लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
एसडीएम धनराज कुमार ने बताया कि पिंडदानियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सुरक्षा एवं प्रशासनिक स्तर पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेले के दौरान करीब 45 स्थानों पर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा, जबकि पूरे घाट परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए तीन स्थानों पर ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटर बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सुबह के समय पिंडदानियों की भीड़ अधिक रहती है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुनपुन में पिंडदान करने के बाद गया जाते हैं। ऐसे में पुलिस पदाधिकारियों को सुबह से ही सक्रिय रहकर भीड़ एवं यातायात व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
एडीएम अशोक कुमार ने बताया कि मेले में बिजली, पानी, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। पिंडदानियों की सुविधा को देखते हुए पुनपुन घाट पर 12 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव दिया गया है। वहीं पटना से गया जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा भी शुरू की गई है।
मेले की निगरानी के लिए 24 घंटे नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। इसके सफल संचालन के लिए 10 कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पिंडदानियों के ठहरने के लिए धर्मशाला में व्यवस्था की गई है। मुख्य सड़क मार्ग से पुनपुन पिंडदान स्थल तक आने-जाने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए विभिन्न स्थानों पर साइनेज भी लगाए गए हैं।