32 पंचायत और 2 नगर निकाय अब भी प्रभावित, 3.44 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता व पशु चारा की व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
हाजीपुर। जिले में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, राहत सामग्री, आवागमन तथा पशु चारा की व्यवस्था पर लगातार निगरानी रख रहा है। आवश्यकता के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए राहत कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जिले की 32 पूर्ण प्रभावित पंचायतें, 2 नगर निकाय, 93 पूर्ण प्रभावित गांव तथा 12 पूर्ण प्रभावित वार्ड चिन्हित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में अब तक 3,44,883 लोग प्रभावित हुए हैं। राहत एवं आवश्यक आवागमन के लिए फिलहाल 6 सरकारी नावों का परिचालन किया जा रहा है।
प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी है। अब तक 48,505 पॉलिथीन शीट, 1,482 फूड पैकेट, 19,684 ड्राई राशन तथा 5,000 मेडिकल किट उपलब्ध कराए या वितरित किए जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री की आवश्यकता और वितरण की लगातार समीक्षा की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वर्तमान में एक स्वास्थ्य शिविर संचालित है, जहां अब तक 23,019 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। जलजनित बीमारियों एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए 8,705 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग या वितरण किया गया है, जबकि 18,481 हैलोजन टैबलेट भी बांटी गई हैं। स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक कार्रवाई लगातार जारी है।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य और चारा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। अब तक 6,170 पशुओं का उपचार किया गया है तथा 1,16,320 किलोग्राम पशु चारा वितरित किया जा चुका है। फिलहाल जिले में कोई पशु शिविर संचालित नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात प्रशासन ने कही है।
बाढ़ की स्थिति में सुधार के बावजूद जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। नागरिकों से नदी, जलधारा और कटाव वाले क्षेत्रों के समीप अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा तटबंध, कमजोर भूमि एवं संभावित कटाव वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव एवं खतरनाक स्थानों के आसपास नहीं जाने देने की अपील की गई है।
प्रशासन ने तटबंध या सड़क में दरार, धंसान अथवा कटाव दिखाई देने पर तत्काल संबंधित पदाधिकारी को सूचना देने को कहा है। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क, पुल-पुलिया अथवा अन्य संरचनाओं से आवागमन के दौरान विशेष सावधानी बरतने, बाढ़ के पानी से प्रभावित या संदिग्ध खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करने और पीने के लिए केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य शिविर या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने तथा स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन से जुड़े प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और राहत-बचाव, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल तथा आवश्यक सामग्री से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा हो रही है। लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है।