इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती पांच साल बाद शादी के मुकाम तक पहुंची, दोनों ने साथ निभाने का लिया फैसला
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
बेगूसराय। इंस्टाग्राम पर हुई एक छोटी-सी मुलाकात कब गहरी दोस्ती और फिर प्रेम में बदल गई, शायद सोनम खातून और संजीव कुमार ने भी नहीं सोचा था। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत, एक-दूसरे को समझने का सिलसिला और फिर करीब पांच वर्षों तक साथ रहने की चाह ने आखिरकार दोनों को जीवनभर के रिश्ते में बांध दिया।
अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि से आने वाले इस जोड़े ने सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद अपनी मर्जी से विवाह करने का फैसला किया। सोनम खातून ने बरेली पहुंचकर अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया और इसके बाद संजीव कुमार के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया। विवाह के बाद उन्होंने अपना नाम सोनम देवी रखने की बात कही है।
बेगूसराय जिले के पचवीर निवासी सोनम खातून के अनुसार, उनकी पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भोजीपुरा निवासी संजीव कुमार से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने लगे।
बाद में दोनों की गुजरात में आमने-सामने मुलाकात हुई। सोनम के अनुसार, उस समय दोनों अलग-अलग कारखानों में काम करते थे और उनके रहने के कमरे भी आमने-सामने थे। रोजाना की मुलाकात, बातचीत और एक-दूसरे की चिंता ने उनके रिश्ते को और मजबूत बना दिया।
धीरे-धीरे दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता गया और उन्होंने एक-दूसरे के साथ भविष्य की कल्पना करनी शुरू कर दी।
सोनम और संजीव के अनुसार, उनका फैसला किसी जल्दबाजी का परिणाम नहीं है। दोनों करीब पांच वर्षों तक एक-दूसरे के संपर्क में रहे। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे के स्वभाव, विचार और जीवन की परिस्थितियों को करीब से समझा।
इसके बाद दोनों ने आपसी सहमति से विवाह कर जीवनभर साथ रहने का निर्णय लिया।
सोनम का कहना है कि उन्होंने यह फैसला किसी दबाव, लालच या मजबूरी में नहीं, बल्कि अपनी व्यक्तिगत इच्छा और सहमति से लिया है। उन्होंने संजीव को अपना जीवनसाथी चुना है और उसके साथ खुशहाल जीवन बिताने की इच्छा जताई है।
सोनम के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य के.के. शंखधार की मौजूदगी में वैदिक प्रक्रिया के तहत उन्होंने हिंदू धर्म अपनाया। इसके बाद उन्होंने अपना नाम सोनम देवी रखा।
सोनम ने बताया कि उनकी हिंदू धर्म और राधा-कृष्ण में आस्था है। उन्होंने कहा कि इसी व्यक्तिगत आस्था और अपनी इच्छा के आधार पर उन्होंने धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया।
इसके बाद सोनम और संजीव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए और एक-दूसरे का जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।
सोनम के अनुसार, उनके पिता अकबर वेल्डिंग का काम करते हैं, जबकि उनकी मां का नाम शहनाज खातून है। परिवार में छह बहनें और एक भाई हैं। सोनम भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर हैं।
उन्होंने बताया कि उनका पैतृक गांव बेगूसराय जिले का पचवीर है।
सोनम और संजीव की कहानी सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान के एक ऐसे रिश्ते की कहानी है, जो लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद विवाह तक पहुंचा। दोनों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन से जुड़े फैसले अपनी सहमति और इच्छा से लिए हैं और अब एक-दूसरे के साथ आगे की जिंदगी बिताना चाहते हैं।