सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत बेंच में न्यायमूर्तियों संग बैठीं, मामलों के सौहार्दपूर्ण निष्पादन में निभाई अहम भूमिका
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। औरंगाबाद की बेटी एवं सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड प्रेरणा प्रियदर्शिनी को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित विशेष लोक अदालत ‘समाधान समारोह’ के दौरान न्यायमूर्तियों के साथ बेंच पर बैठकर मामलों के निष्पादन में सह-भागिता का दुर्लभ अवसर मिला है। यह औरंगाबाद सहित पूरे मगध क्षेत्र के लिए गौरव और खुशी का विशेष अवसर है।
विधि एवं न्याय के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट समझ, दक्षता और महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत द्वारा उन्हें इस विशेष बेंच के लिए नामित किया गया था। यह उपलब्धि न केवल प्रेरणा प्रियदर्शिनी के व्यक्तिगत जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि औरंगाबाद और पूरे मगध क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय बन गई है।

सुप्रीम कोर्ट में आयोजित विशेष सत्र के दौरान प्रेरणा प्रियदर्शिनी ने न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा, न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह तथा वरिष्ठ अधिवक्ता अमित रावल के साथ बेंच साझा की।
इस दौरान बेंच के समक्ष आए कई जटिल कानूनी विवादों के समाधान की दिशा में आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में प्रयास किए गए। विशेष लोक अदालत के माध्यम से विवादों का त्वरित और सुलभ निष्पादन हुआ, जिससे पक्षकारों को राहत मिली। न्यायिक प्रक्रिया में संवाद, सहमति और समाधान की इस पहल में प्रेरणा प्रियदर्शिनी की सहभागिता को क्षेत्र के लोग एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट जैसे देश के सर्वोच्च न्यायालय में विशेष बेंच का हिस्सा बनना किसी भी विधि विशेषज्ञ के लिए गौरव की बात है। प्रेरणा प्रियदर्शिनी ने अपने ज्ञान, परिश्रम और विधि क्षेत्र में निरंतर सक्रियता के बल पर यह विशेष पहचान बनाई है।
उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि छोटे शहरों और जिलों से निकलने वाली प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकती हैं। खासकर औरंगाबाद और मगध क्षेत्र के युवाओं के लिए उनकी सफलता प्रेरणास्रोत बन सकती है।
प्रेरणा प्रियदर्शिनी का संबंध औरंगाबाद के प्रतिष्ठित राजनीतिक और साहित्यिक परिवार से है। उनके दादा प्रसिद्ध लेखक, स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधान पार्षद स्वर्गीय कामता सिंह ‘काम’ थे। वहीं उनके नाना औरंगाबाद के पूर्व सांसद स्वर्गीय रामनरेश सिंह उर्फ लूटन सिंह थे।
उनके पिता प्रख्यात शिक्षाविद अशोक कुमार सिंह तथा माता प्रियंवदा रानी सिंह हैं। औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, वरीय भाजपा नेता सुनील कुमार सिंह और कर्नल सुधीर कुमार सिंह उनके मामा हैं।
परिवार की समृद्ध सामाजिक, राजनीतिक और साहित्यिक विरासत के बीच पली-बढ़ीं प्रेरणा प्रियदर्शिनी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर विधि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
इस उपलब्धि की खबर सामने आने के बाद औरंगाबाद सहित पूरे मगध क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने प्रेरणा प्रियदर्शिनी को इस विशेष उपलब्धि पर बधाई दी है।
लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत बेंच में न्यायमूर्तियों के साथ उनकी सहभागिता औरंगाबाद के लिए ऐतिहासिक गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार का सम्मान बढ़ाती है, बल्कि बिहार और मगध क्षेत्र की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान भी दिलाती है।
विधि एवं न्याय के क्षेत्र में प्रेरणा प्रियदर्शिनी की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायक है। औरंगाबाद की इस बेटी ने अपने ज्ञान और कार्यक्षमता के बल पर सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचकर यह संदेश दिया है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से किसी भी क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।