नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
बालूमाथ। झारखंड राज्य के लातेहार के बालूमाथ स्थित मासियातू गांव में शनिवार की शाम एक बार फिर व्यवस्था की अनदेखी और खुले गड्ढों ने दो हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। लगातार बारिश के चलते खराड़ पुल के पास बने एक गहरे गड्ढे में पानी भर गया था, जो मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआं साबित हुआ।
रोज की तरह कुछ बच्चे वहां पहुंचे थे, लेकिन किसे पता था कि यह खेल उनकी जिंदगी का आखिरी खेल बन जाएगा। 8 साल की रितिका कुमारी और 7 साल की साक्षी कुमारी पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सकीं और गहरे पानी में समा गईं। जब तक साथी बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण दौड़कर पहुंचे, बहुत देर हो चुकी थी।
यह हादसा सिर्फ दो बच्चियों की मौत नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बारिश के बाद सड़कों या पुलों के निर्माण के नाम पर छोड़े जाने वाले खुले और खतरनाक गड्ढों पर एक गंभीर सवालिया निशान है। कुछ समय पहले भी इसी क्षेत्र में ऐसी ही दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आज इस हादसे के बाद मासियातू गांव में पसरा सन्नाटा और परिजनों की चीखें समाज और प्रशासन से यह सवाल पूछ रही हैं कि क्या बच्चों की इन अनमोल जिंदगियों को बचाने के लिए समय रहते ऐसे खतरनाक गड्डों को भरा नहीं जा सकता था?