– सुरक्षा चूक या मां की ममता की जीत? दरभंगा बालिका गृह से नेपाल पहुंची किशोरी, उठे गंभीर सवाल
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
दरभंगा। बिहार राज्य के दरभंगा का भराठी वृहद आश्रय गृह एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। 16 सितंबर को जिस नेपाली किशोरी को बाल कल्याण समिति के आदेश पर यहां सुरक्षित रखने के लिए लाया गया था, वह 20 सितंबर की रात रहस्यमयी ढंग से गायब हो गई और सीधे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल स्थित अपने घर पहुंच गई। यह मामला सिर्फ एक बच्ची की घर वापसी का नहीं, बल्कि हमारी सीमा सुरक्षा और बाल संरक्षण गृहों की मुस्तैदी की कलई खोलने वाला है। सवाल उठता है कि सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद एक नाबालिग लड़की बालिका गृह से बिना किसी की नजर में आए इतनी दूर कैसे निकल गई?
दरभंगा के भराठी बृहद् आश्रय गृह से लापता हुई 14 वर्षीय नेपाली किशोरी आखिरकार अपनी मां की आंचल में सुरक्षित पहुंच गई है। भले ही प्रशासन ने उसकी सकुशल घर वापसी पर राहत की सांस ली हो, लेकिन यह घटना एक मां की तड़प और उसकी बेटी की घर लौटने की उस जिद को भी बयां करती है, जिसके आगे सुरक्षा के तमाम कड़े पहरे कमजोर साबित हुए।
बताया गया कि बालिका सरस्वती कुमारी को बाल कल्याण समिति, दरभंगा के आदेश पर 16 सितंबर को बाल गृह में आवासित कराया गया था। 20 सितंबर की रात करीब 2:35 बजे गिनती के दौरान एक बालिका कम पायी गयी। इसके बाद बाल गृह परिसर सहित वृहद आश्रय गृह के पूरे परिसर में खोजबीन की गयी, लेकिन लापता बालिका का कोई पता नहीं चला।
घटना को लेकर बाल गृह की अधीक्षिका कंचन झा के आवेदन पर सिमरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी है। अधीक्षिका के अनुसार, लापता बालिका की उम्र 14 वर्ष है। वह नेपाल के सप्तरी जिले के मधवापुर गांव की रहने वाली बतायी गयी है। घटना के समय बालिका ने हरे रंग की कुर्ती और क्रीम रंग की लेगिस पहन रखी थी।
प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह मामला सिर्फ एक किशोरी के मिलने भर का नहीं है, बल्कि बाल संरक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान छोड़ गया है। सवाल यह है कि कड़े सुरक्षा घेरे और पहरेदारी के बावजूद वह बालिका बिना किसी की नजर में आए सीमा पार कर नेपाल कैसे पहुंच गई? क्या वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही थी या व्यवस्था में कोई बड़ी सेंध थी?
सिमरी थाना पुलिस और बाल कल्याण समिति ने तकनीकी इनपुट की मदद से यह पुष्टि कर ली है किi किशोरी सुरक्षित अपने घर सप्तरी जिला, नेपाल पहुंच चुकी है। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के अनुसार, सीमा पार की कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। वहीं, महकमे ने इस मामले की आंतरिक जांच बिठा दी है ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर चूक दोबारा न हो।