नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद में सात निश्चय-3 के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान” के लक्ष्य के तहत विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं संस्थागत समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त करना रहा।
गौरतलब है कि विद्यार्थियों की शिकायतों एवं समस्याओं के प्रभावी समाधान तथा सात निश्चय-3 के अधीन “सबका सम्मान, जीवन आसान” के लक्ष्य को दृष्टिपथ में रखते हुए प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को “विद्यार्थी सहयोग शिविर” का आयोजन किया जाना है।
इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक, छात्रावास एवं संस्थागत समस्याओं तथा सुझावों को उचित स्तर पर रखने का अवसर प्राप्त होगा। प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों पर निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सीमा के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं शिविर के माध्यम से समय पर कक्षाओं का संचालन नहीं होने, प्राध्यापकों एवं शिक्षकों की अनुपस्थिति, परीक्षा के समय पर संचालन, परीक्षाफल के समय पर प्रकाशन, अनधिकृत फीस अथवा शुल्क की वसूली, कक्षाओं में बिजली एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय एवं साफ-सफाई सहित विभिन्न समस्याओं को दर्ज कराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कोचिंग से संबंधित समस्याओं, संस्थान में विधि-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों तथा विद्यार्थियों के व्यक्तिगत मामलों एवं सुझावों को भी निर्धारित माध्यम से दर्ज कराया जा सकेगा।
कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से हुआ। इसके पश्चात जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा अतिथियों को पौधा एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी द्वारा उपस्थित सभी को स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने, समझने और उनके समाधान के साथ-साथ उनके सुझावों को प्रशासन तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार की मंशा है कि विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं एवं सुझावों को सीधे प्रशासन के समक्ष रखने के लिए एक सशक्त एवं सुगम माध्यम उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को जिला प्रशासन के पदाधिकारी विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद कर रहे हैं, ताकि उनकी वास्तविक समस्याओं को समझा जा सके। विद्यार्थी केवल अपनी समस्याएं ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, पाठ्यक्रम, अतिरिक्त शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा व्यवस्था, छात्रावास एवं महाविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार से संबंधित अपने सुझाव भी दे सकते हैं। विद्यार्थियों के सुझाव प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि विद्यार्थियों की आवश्यकताओं और समस्याओं को वे स्वयं सबसे बेहतर ढंग से समझते हैं।
जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें छात्रावास, कक्षा, शिक्षक, परीक्षा, पाठ्यक्रम अथवा महाविद्यालय से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या है तो वे उसे विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी सहयोग के लिए टोल-फ्री नंबर 1100 तथा sahyogshivir.bihar.gov.in पोर्टल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित है तथा जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि समस्याओं का यथासंभव शीघ्र समाधान कराया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि विद्यार्थी अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को भी इस माध्यम से साझा कर सकते हैं। यदि कोई समस्या पुलिस अथवा विधि-व्यवस्था से संबंधित है तो उस पर भी संबंधित स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों एवं सुझावों की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि विद्यार्थी बिना किसी संकोच के अपनी बात प्रशासन के समक्ष रख सकें और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी अथवा प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।
जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद के माध्यम से भी अपनी समस्याएं एवं सुझाव साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की अपनी विशिष्ट समस्याएं एवं आवश्यकताएं हो सकती हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन एवं छात्रावास में रहने के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है और विद्यार्थी देश एवं समाज के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों के छोटे-से-छोटे सुझाव भी भविष्य में बड़े सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खुले मन से अपनी बात रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को सुनने, समझने और उनके समाधान के लिए पूरी तत्परता से कार्य करेगा।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर केवल शिकायतों के समाधान का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का अवसर भी है। विद्यार्थियों की आवश्यकताओं एवं सुझावों के आधार पर छात्रावास, महाविद्यालय एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जा सकता है।
इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री दयाशंकर, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।