दुल्हिनबाजार के मध्य व उच्च माध्यमिक विद्यालयों की समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
पालीगंज (पटना)। दुल्हिनबाजार प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मामला सामने आया है। बुधवार को रामलखन सिंह यादव उच्च विद्यालय, दुल्हिनबाजार में आयोजित प्रखंड के मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की समीक्षा बैठक में विद्यालयों की भूमि, भवन, शिक्षकों की उपलब्धता और शैक्षणिक व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016 में उत्क्रमित किए गए प्रखंड के किसी भी उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास अपनी भूमि और स्वतंत्र भवन नहीं है। वहीं अधिकांश विद्यालयों में विज्ञान विषय के शिक्षक भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।
बैठक का आयोजन पालीगंज विधायक डॉ. संदीप सौरभ की पहल पर किया गया। इसमें प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक मौजूद रहे। विद्यालयवार बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक संसाधनों की समीक्षा के दौरान उत्क्रमित विद्यालयों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठे।
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि केवल विद्यालयों को कागज पर उच्च माध्यमिक स्तर तक उत्क्रमित कर देने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। विद्यालयों के लिए आवश्यक भूमि, भवन और विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने कहा कि सरकार ने इन विद्यालयों को उच्च माध्यमिक विद्यालय का दर्जा तो दे दिया, लेकिन आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने कहा, “संसाधनों के अभाव में ये विद्यालय वास्तव में ‘उत्पीड़ित विद्यालय’ बनकर रह गए हैं। बिना भूमि, भवन और विषयवार शिक्षकों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात बेमानी है।”
समीक्षा बैठक में सभी विद्यालयों की समस्याओं पर अलग-अलग चर्चा की गई। बेहतर शैक्षणिक वातावरण, नियमित पठन-पाठन तथा उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। भूमि, भवन, शिक्षकों समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी से संबंधित समस्याओं को विभाग और सरकार के समक्ष उठाने की बात कही गई।
बैठक में विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाने पर भी जोर दिया गया। इससे पहले पालीगंज प्रखंड के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षा पदाधिकारियों के साथ भी इसी प्रकार की समीक्षा बैठक आयोजित की जा चुकी है।