नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। पटना में चार दिनों से लापता छात्रा शेली रानी की तलाश का अंत शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक खबर के साथ हुआ। टीपीएस कॉलेज की छात्रा शेली रानी का शव कुम्हरार में रेलवे ट्रैक पर मिलने से परिवार की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं। जिस बेटी के लौटने का इंतजार पूरा परिवार कर रहा था, उसकी अर्थी उठने की नौबत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। पिता के रोते बिलखते शब्द और मां का सन्नाटा इस बात की गवाही दे रहा है कि एक हंसता-खेलता परिवार किस कदर बिखर गया है। चार दिन पहले लापता हुई युवती शेली रानी का शव शुक्रवार को कुम्हरार इलाके में रेलवे ट्रैक पर मिला। शेली टीपीएस कॉलेज में स्नातक की छात्रा थी। वह 5 अक्टूबर को फॉर्म भरने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। चार दिन बाद उसका शव मिलने से परिवार में मातम है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर राजेंद्रनगर टर्मिनल की जीआरपी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
शुरुआती जांच में मामले के प्रेम प्रसंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस युवती के साथ बताए जा रहे युवक की पहचान करने और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। हालांकि, मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों को लेकर अभी जांच पूरी नहीं हुई है। परिजनों के मुताबिक, शेली के लापता होने के बाद दुबई से एक फोन आया था। फोन करने वाले ने दावा किया था कि शेली ने 10 हजार रुपये का कर्ज लिया है। उसने रुपये नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी थी। परिवार ने फोन करने वाले से घर आकर हिसाब-किताब स्पष्ट करने को कहा था। अब परिजन इस फोन कॉल को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, इस कॉल और युवती की मौत के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.शेली के चचेरे भाई मनोज कुमार ने बताया कि वह 5 अक्टूबर को फॉर्म भरने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। परिवार ने दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों का आरोप है कि चार दिनों तक तलाश करने के बावजूद पुलिस शेली का पता नहीं लगा सकी। शव मिलने के बाद उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
शेली के पिता संजीव कुमार प्रजापति महावीर आरोग्य संस्थान में कर्मचारी हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बेटी की हत्या करने के बाद शव रेलवे ट्रैक पर फेंका गया है। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बेटी चार दिनों से लापता थी, लेकिन उसका पता नहीं लगाया जा सका। हालांकि, हत्या के आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों के अनुसार, शेली तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी और ऑनलाइन काफी सक्रिय रहती थी। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग सदमे में हैं। छात्रा की मौत के मामले में पुलिस अब उसके संपर्कों, फोन कॉल और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों की ओर से जताई गई हत्या की आशंका, दुबई से आए कथित फोन और युवती के लापता होने की परिस्थितियों की जांच अहम होगी। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चल सकेगा। अब यह देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और छात्रा की मौत के पीछे की परिस्थितियां कैसे स्पष्ट होती हैं।
चार दिनों तक एक बेटी गायब रही, परिवार दर-दर भटकता रहा, लेकिन पुलिस सोती रही! जब शव मिला, तब जाकर मशीनरी हरकत में आई। कंकड़बाग थाना क्षेत्र से लापता हुई छात्रा शेली रानी की मौत ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का साफ आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते तत्परता दिखाती, तो शायद यह नौबत न आती। न्याय की आस में बैठा परिवार अब निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। क्या यह सिर्फ एक हादसा है, प्रेम प्रसंग में उठाया गया कदम है, या फिर इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश है? पटना के कंकड़बाग से लापता हुई छात्रा शेली रानी की मौत ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। दुबई से आए एक 10 हजार रुपये के कर्ज के फोन कॉल से लेकर रेलवे ट्रैक पर शव मिलने तक की कड़ियां कई रहस्यों की तरफ इशारा कर रही हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं कि इस अंधेरे में छिपी सच्चाई बाहर कब आती है।