नारों से दिया समान अवसर का संदेश, कहा— धीमी पढ़ने की रफ्तार, मत समझो इसे बेकार
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों की सीखने संबंधी कठिनाइयों को लेकर समाज में संवेदनशीलता विकसित करने के उद्देश्य से मंगलवार को बारुन प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के तहत छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने प्रभात फेरी निकालकर लोगों को जागरूक किया। बच्चों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर हर बच्चे को समान अवसर देने का संदेश दिया।
बारुण प्रखंड के बीआरपी (IE) लाल बहादुर ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य डिस्लेक्सिया को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और बच्चों की सीखने संबंधी जरूरतों को समझने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चेतुबिगहा, राजकीय मध्य विद्यालय पौथू, मध्य विद्यालय बखतरपा, प्राथमिक विद्यालय धमनी और केशव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सोननगर सहित प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान बच्चों ने पोस्टर, चार्ट और नारों के माध्यम से अपनी बात रखी।
बच्चों ने “धीमी पढ़ने की रफ्तार, मत समझो इसे बेकार”, “हर बच्चा अलग है, हर बच्चा खास है” और “डिस्लेक्सिया को समझें, समर्थन दें, ताकि हर बच्चा सीख सके” जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि डिस्लेक्सिया एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है, जो मुख्य रूप से पढ़ने और शब्दों को पहचानने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। यह बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है। उचित शिक्षण पद्धति, धैर्य और सहयोग से ऐसे बच्चों को सीखने तथा अपनी क्षमताओं का विकास करने में मदद मिल सकती है।
अभियान में मध्य विद्यालय खजुरी, प्राथमिक विद्यालय गोविन्दपुर, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय महुअरी, हाई स्कूल मेह, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर, प्राथमिक विद्यालय तेतरिया, मध्य विद्यालय धुरिया, हाई स्कूल बरौली, प्राथमिक विद्यालय बगाही, मध्य विद्यालय सनथुआ, प्राथमिक विद्यालय देवरिया, मध्य विद्यालय उर्दू काजीचक, मध्य विद्यालय गोपालपुर, प्राथमिक विद्यालय रत्नौर, प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा, प्रोजेक्ट सहदेव सिंह कन्या हाई स्कूल, उर्दू प्राथमिक विद्यालय बारुण, मध्य विद्यालय गौठाली, मध्य विद्यालय सिलौना, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय हरिहरगंज, मध्य विद्यालय शोभेखाप, मध्य विद्यालय मखरा, प्राथमिक विद्यालय करहरा, मध्य विद्यालय कांश, मध्य विद्यालय उर्दीना, मध्य विद्यालय पिठनुआ, प्राथमिक विद्यालय आजादबीघा और प्राथमिक विद्यालय पड़रिया सहित कई अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया।