सुबह सड़क पर उतरे ग्रामीण, मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग पर चक्का जाम
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
खूंटी। खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात रफ्तार का ऐसा कहर बरपा कि दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं। कर्रा-तोरपा मुख्य सड़क पर जोने-लुदरू मोड़ के समीप तेज रफ्तार 18 चक्का टेलर ने सड़क किनारे खड़े लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में चार महिलाओं, दो बच्चियों और एक बच्चे समेत सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवती घायल है। हादसे के बाद टेलर चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। इधर, सुबह होते ही घटना से आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ईंट-पत्थर तथा बांस-बल्ले लगाकर कर्रा सड़क मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और फरार चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
घटना गुरुवार रात करीब पौने दस बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जोने-लुदरू मोड़ के पास जेम्स बांडो नामक एक स्कूटी सवार अनियंत्रित होकर पुलिया के पास झाड़ी में गिर गया था। उसे देखने और बचाने के लिए आसपास की महिलाएं और बच्चे सड़क किनारे जमा हुए थे। इसी दौरान तोरपा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा 18 चक्का टेलर अचानक वहां पहुंचा और सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदता हुआ निकल गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में छह लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय सौरभ नायक ने खूंटी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर दम तोड़ दिया। इस तरह मृतकों की संख्या सात हो गई। मृतकों में पाको देवी, कसीला देवी, मानहू देवी, गोलू कुमार, अंजलि कुमारी, तूती कुमारी और सौरभ नायक शामिल हैं। वहीं, घायल खुशबू कुमारी का इलाज जारी है।

हादसे के बाद सुबह फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
सात लोगों की मौत से आक्रोशित ग्रामीण शुक्रवार सुबह सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते कर्रा सड़क मार्ग रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। महिलाओं समेत सैकड़ों ग्रामीण सड़क के बीचों-बीच बैठ गए। ईंट-पत्थर और बांस-बल्ले लगाकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटनास्थल के समीप झाड़ी में घुसा दुर्घटनाग्रस्त टेलर भी ग्रामीणों के आक्रोश का केंद्र बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि टेलर चालक कथित रूप से नशे में धुत था और काफी तेज गति तथा लापरवाही से वाहन चला रहा था। हादसे के बाद चालक और खलासी फरार हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही घटना में सात लोगों की जान चली गई, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। इसके बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

चार सूत्री मांगों पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था करने, फरार चालक को अविलंब गिरफ्तार करने तथा दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सड़क पर स्पीड ब्रेकर और नियमित पुलिस चेकिंग शुरू करने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ग्रामीण लिखित आश्वासन मिलने तक सड़क जाम खत्म नहीं करने की बात कह रहे हैं। एक तरफ सात घरों में मातम पसरा है, तो दूसरी तरफ सड़क पर इंसाफ की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश दिखाई दे रहा है। अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मिलने वाली राहत पर टिकी हैं।