अढ़ाई सौ वर्षों की आस्था: जहां मां चंदनिया डीह के आशीर्वाद से संवरता है दांपत्य जीवन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सिवान। यह बताना कि कैसे भक्त अपनी मन्नतें लेकर यहां आते हैं और मनोकामना पूरी होने पर मां को साक्षी मानकर मैया के दरबार में वैवाहिक बंधन में बंधते हैं। सीवान जिले के मैरवा का मां चंदनिया डीह दुर्गा मंदिर धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं का संगम है, जहाँ श्रद्धालु मां की आराधना करते हैं और जोड़े विवाह करते हैं। सीवान जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर मैरवा स्थित मां चंदनिया डीह दुर्गा मंदिर अपनी धार्मिक पहचान और स्थानीय लोगों की आस्था के लिए प्रसिद्ध है।
यहां मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं, वहीं शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए भी इस मंदिर को महत्व दिया जाता है। मां को साक्षी मानकर वैवाहिक रस्में पूरी करने वाले जोड़ों के कारण इस मंदिर की अलग पहचान बनी है। मैरवा रेलवे स्टेशन के उत्तर दिशा में स्थित चंदनिया डीह मंदिर में नवरात्र समेत अन्य धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। भारतीय परंपरा में विवाह को महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। इस मंदिर में भी जोड़े मां दुर्गा को साक्षी मानकर विवाह की रस्में पूरी करते हैं। स्थानीय स्तर पर मंदिर में विवाह होने की परंपरा की चर्चा रही है। परिवारों और ग्रामीणों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संपन्न कराये जाने के मामले भी सामने आते रहे हैं।
जून 2022 में इस मंदिर में एक प्रेमी जोड़े की शादी कराये जाने की खबर प्रकाशित हुई थी। वहीं, नवंबर 2024 में मंदिर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की रिपोर्ट सामने आयी थी। ये घटनाएं मंदिर की धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक भूमिका को भी दर्शाती हैं।

दचंदनिया डीह मंदिर की खासियत यह है कि यहां पूजा-पाठ के साथ विवाह जैसे मांगलिक आयोजनों का भी महत्व है। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थल धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के साथ शादी-विवाह के लिए भी परिचित स्थान है। विवाह समारोहों को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जिला परिषद की ओर से मंदिर के पास विवाह भवन का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2020 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस भवन के निर्माण पर करीब 42.5 लाख रुपये खर्च किये गये थे। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को अपेक्षाकृत कम खर्च में शादी समारोह आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध कराना था।
मां चंदनिया डीह दुर्गा मंदिर के धार्मिक महत्व को देखते हुए इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी उठती रही है। वर्ष 2020 में प्रकाशित रिपोर्ट में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग का उल्लेख किया गया था। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, पहुंच मार्ग और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने से यहां आने वाले लोगों को सहूलियत मिल सकती है। इससे क्षेत्र की धार्मिक पहचान को भी व्यापक स्तर पर सामने लाने में मदद मिल सकती है। मैरवा का मां चंदनिया डीह दुर्गा मंदिर धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं के मेल का उदाहरण है।
एक ओर श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के लिए यहां पहुंचते हैं, तो दूसरी ओर विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर भी मंदिर की भूमिका सामने आती है। धार्मिक आयोजनों, विवाह की परंपरा और बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़ी संभावनाएं इस मंदिर को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशिष्ट पहचान देती हैं।