बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना, 2008 के तहत राज्य सरकार ने वहन किया पार्थिव शरीर को घर तक पहुंचाने का व्यय
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। 23 अगस्त को गुजरात के सूरत में कार्यरत औरंगाबाद जिले के प्रवासी श्रमिक रोहित कुमार ठाकुर, पिता–मुरारी ठाकुर, ग्राम–गंगटी, वार्ड संख्या–31, पोस्ट/थाना/जिला–औरंगाबाद की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, छत से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल होने के पश्चात उनका उपचार नई सिविल अस्पताल, रिंग रोड, सूरत में कराया जा रहा था, 23 अगस्त को प्रातः लगभग 4 बजे उनका निधन हो गया।
मृतक के पिता एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा इस संबंध में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, औरंगाबाद से संपर्क किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम अधीक्षक, औरंगाबाद अंजू कुमारी द्वारा त्वरित पहल करते हुए संयुक्त श्रमायुक्त, बिहार भवन, नई दिल्ली से समन्वय स्थापित किया गया।
प्रशासनिक एवं विभागीय समन्वय के फलस्वरूप बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना, 2008 के प्रावधानों के तहत स्वर्गीय रोहित कुमार ठाकुर के पार्थिव शरीर को गुजरात से एंबुलेंस संख्या GJ-15-AV-3537 के माध्यम से उनके पैतृक गांव गंगटी, औरंगाबाद स्थित आवास तक पहुंचाया गया।
गौरतलब है कि बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना, 2008 के अंतर्गत राज्य से बाहर अथवा विदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत प्रवासी श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में उनके पार्थिव शरीर को किसी भी उपयुक्त परिवहन साधन से उनके स्थायी निवास स्थान तक पहुंचाने में होने वाले व्यय का वहन राज्य सरकार द्वारा किए जाने का प्रावधान है।
जिला प्रशासन एवं श्रम संसाधन विभाग की इस त्वरित पहल से शोकाकुल परिवार को कठिन परिस्थिति में आवश्यक सहयोग प्राप्त हुआ तथा मृतक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गांव तक पहुंचाया जा सका।