नवबिहार टाइम्स संवाददाता
पालीगंज (पटना)। नगर पंचायत गठन के करीब चार साल बाद भी पालीगंज में जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। नगर बाजार के बिहटा मोड़, प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय, लाला जी की मिल, बाबा बोरिंग रोड समेत कई इलाकों में नाली और बारिश का पानी सड़कों पर जमा है। वार्ड 12 के बाबा बोरिंग रोड की गलियों में एक से दो फीट तक पानी जमा रहने से लोगों को गंदे पानी के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। वहीं वार्ड 16 में भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। वार्ड 8 में पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह यादव के घर के दरवाजे तक करीब दो फीट पानी जमा होने की बात स्थानीय लोगों ने कही है।
नगरवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स की वसूली की जा रही है, लेकिन इसके अनुरूप बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत अब ‘नरक पंचायत’ में तब्दील हो चुकी है और समस्या की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उनका आरोप है कि नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी भावना भी जलजमाव वाले मोहल्लों का निरीक्षण करने नहीं पहुंचीं।
स्थानीय निवासी शत्रुध्न पासवान ने कहा कि सरकार की ओर से नगर पंचायत के विकास के लिए प्रतिवर्ष लाखों रुपये आवंटित किए जाते हैं, लेकिन राशि का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से विकास के नाम पर अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई जगह नाले सड़क से ऊंचे हैं और उनका उचित निकास नहीं होने के कारण सड़क का पानी नाले में जाने के बजाय सड़कों पर ही जमा रहता है। कुछ स्थानों पर नाले बनाए भी गए हैं, लेकिन उनके अधूरे रहने अथवा मुख्य नाले से नहीं जुड़ने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
जवाहर प्रसाद गुप्ता, विनोद कुमार वर्मा, राजेश कुमार, श्याम बाबू गुप्ता, विजय कुमार सिन्हा, अनिल कुमार और पप्पू कुमार समेत अन्य स्थानीय लोगों ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की उम्मीद जगी थी, लेकिन चार साल बाद भी स्थिति जस की तस है। लोगों ने नगर प्रशासन से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, अधूरे नालों को मुख्य नाले से जोड़ने तथा जलजमाव वाले क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।