नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रुनिया गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में विद्युत कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान पड़रिया गांव निवासी 45 वर्षीय उमेश सिंह के रूप में की गई है, जो पिछले करीब 15 वर्षों से मदनपुर बिजली कार्यालय में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुनिया गांव में ट्रांसफार्मर खराब हो गया था, जिसे ठीक करने के लिए उमेश सिंह पोल पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक विद्युत प्रवाहित हो गई और वे करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वे पोल पर ही अचेत हो गए और कुछ ही क्षणों में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। जैसे ही हादसे की सूचना परिजनों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (जीटी रोड) को जाम कर दिया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह घटना विभाग की लापरवाही के कारण हुई है। उनका कहना है कि बिना समुचित सुरक्षा व्यवस्था और लाइन बंद किए ही कर्मी को पोल पर चढ़ा दिया गया, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर बीडीओ अवतुल्य कुमार आर्य समेत कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और वरीय अधिकारियों को बुलाने तथा पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने की मांग करते रहे।
उमेश सिंह अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं। परिवार में एक बेटा और एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियों और एक बेटे की शादी अभी बाकी है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
ग्रामीणों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।