झारखंड से खनिज पदार्थों की आवाजाही रोकने तक का ऐलान, 7 सितंबर को राज्यपाल को सौंपा जाएगा ज्ञापन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
लोहरदगा। केंद्र सरकार द्वारा पारित खनन बिल के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी कर झारखंड से खनिज पदार्थों को बाहर जाने से रोकने की चेतावनी दी है। शुक्रवार को लोहरदगा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक दुबे और लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखेर भगत ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और खनिज संपदा पर राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के संसाधनों पर राज्य के अधिकारों में किसी भी तरह की कटौती कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि खनन बिल के विरोध में झारखंड समेत अन्य राज्यों में कांग्रेस पार्टी व्यापक आंदोलन करेगी। जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी कर झारखंड से खनिज पदार्थों को दूसरे राज्यों में जाने से भी रोका जाएगा।
आलोक दुबे ने बताया कि आगामी 7 सितंबर को कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन के माध्यम से खनन बिल के कारण झारखंड को होने वाले संभावित नुकसान और राज्यों के अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर राज्यों का हक छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को उनके संसाधनों और अधिकारों से वंचित कर रही है, जिससे राज्यों के समुचित विकास पर असर पड़ सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम मंदिर निर्माण और कथित ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को घेरा। आलोक दुबे ने कहा कि यदि राम मंदिर निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री लेते हैं, तो चंदा चोरी के आरोपों की जिम्मेदारी भी उन्हें लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर भी आंदोलन करेगी। मौके पर लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखेर भगत समेत पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।