बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल, मातृत्व के सम्मान से गूंजा सिद्धार्थ सभागार
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल में रविवार को “मदर्स डे” के अवसर पर एक भव्य, भावनात्मक एवं प्रेरणादायी समारोह का आयोजन किया गया। लॉर्ड बुद्धा एजुकेशनल डेवेलपमेंट फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यालय के सिद्धार्थ सभागार में संपन्न हुआ, जहां कक्षा नर्सरी से तीन तक के छात्र-छात्राओं की माताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को मातृत्व के स्नेह और ऊर्जा से आलोकित कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फाउंडेशन के चेयरपर्सन डॉ धनंजय कुमार थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की माताओं एवं मुख्य अतिथि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर मातृ शक्ति को नमन किया। दीप की लौ के साथ पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. धनंजय कुमार ने कहा कि माँ केवल जन्म देने वाली नहीं होती, बल्कि वह बच्चे की प्रथम शिक्षिका, प्रथम गुरु और उसके संस्कारों की आधारशिला होती है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की माता राजमाता जिजाबाई, स्वामी विवेकानंद की माता भुवनेश्वरी देवी, एपीजे अब्दुल कलाम की माता आशियम्मा तथा नेपोलियन बोनापार्ट की माता लेटिज़िया रामोलिनो के उदाहरण देते हुए माताओं की भूमिका को समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि एक संस्कारित एवं जागरूक माँ ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है। उनके ओजस्वी विचारों ने उपस्थित माताओं के भीतर आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य विजय कुमार, एचएम राहुल रंजन एवं कैंपस मैनेजर गौतम कुमार ने सभी माताओं का पुष्प एवं शब्दों के माध्यम से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय और अभिभावकों के समन्वय से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने भाषण, कविता, नाटक, समूह नृत्य एवं संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। उनकी मासूम अदाओं और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भावुक, उल्लासपूर्ण और जीवंत बना दिया। सभागार बार-बार तालियों की गूंज से गूंजता रहा।
मातृ सम्मान को समर्पित यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि माँ के त्याग, प्रेम, संस्कार और समर्पण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अनुपम अवसर बन गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों ने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे अत्यंत भावनात्मक, प्रेरणादायी और यादगार आयोजन बताया।
विद्यालय परिवार ने सभी आगंतुक माताओं एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग, स्नेह और सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।