पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह द्वारा डीएम को उपलब्ध कराया गया था शिकायत पत्र
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिला पदाधिकारी एवं समाहर्ता, औरंगाबाद द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय, औरंगाबाद में कार्यरत लिपिक कृष्ण प्रसाद वर्मा को एक ही अवधि में दो भिन्न संस्थानों में कार्यरत रहकर वेतन प्राप्त करने तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-16 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया प्रमाणित होने के आलोक में तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश निर्गत किया गया है।
ज्ञातव्य है कि पूर्व सांसद, औरंगाबाद सुशील कुमार सिंह द्वारा कृष्ण प्रसाद वर्मा के विरुद्ध दो स्थानों पर सरकारी सेवा करते हुए वेतन प्राप्त करने एवं सेवा संबंधी अनियमितता बरते जाने के संबंध में जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद को शिकायत पत्र उपलब्ध कराया गया था। शिकायत प्राप्त होने के उपरांत जिला पदाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन, औरंगाबाद को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इसके आलोक में सिविल सर्जन, औरंगाबाद द्वारा त्रि-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए सेवा अभिलेखों, सेवा पुस्तिका, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (पूर्वी झरिया क्षेत्र) से प्राप्त प्रमाणित अभिलेखों तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत प्रतिवेदित किया गया कि उपलब्ध अभिलेखों में विरोधाभास परिलक्षित होता है तथा संबंधित कर्मी द्वारा एक ही अवधि में दो संस्थानों से वेतन प्राप्त किया जाना प्रतीत होता है।
उक्त प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु जिला स्थापना शाखा, औरंगाबाद द्वारा अपर समाहर्ता (लोक शिकायत निवारण), जिला पंचायत राज पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सदर अस्पताल, औरंगाबाद की त्रि-सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया गया। संयुक्त जांच दल द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि कृष्ण प्रसाद वर्मा दिनांक 06.07.2005 से सिविल सर्जन कार्यालय, औरंगाबाद में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं तथा नियमित रूप से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, पूर्वी झरिया क्षेत्र से प्राप्त अभिलेखों के अनुसार वे दिनांक 24.11.2008 से 12.03.2017 तक जूनियर ओवरमैन के पद पर कार्यरत रहे तथा उक्त अवधि में वहां से भी वेतन प्राप्त किया।
संयुक्त जांच दल द्वारा उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत यह प्रतिवेदित किया गया कि दोनों संस्थानों से प्राप्त व्यक्तिगत विवरणी एवं सेवा संबंधी अभिलेख एक ही व्यक्ति से संबंधित हैं। इस आधार पर जांच दल द्वारा यह प्रतिवेदित किया गया कि संबंधित कर्मी द्वारा एक ही अवधि में दो भिन्न नियोक्ताओं के अधीन कार्य करते हुए वेतन प्राप्त किया गया, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-16 का उल्लंघन है। जांच दल द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2025 के प्रावधानों के अंतर्गत अनुशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संबंधित कर्मी को प्रथम एवं द्वितीय कारण पृच्छा के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया। प्राप्त स्पष्टीकरणों का परीक्षण किए जाने पर आरोपों के संबंध में कोई संतोषजनक तथ्य अथवा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
संयुक्त जांच प्रतिवेदन, उपलब्ध अभिलेखों, समस्त तथ्यों एवं अनुशंसा के आलोक में जिला पदाधिकारी एवं समाहर्ता, औरंगाबाद द्वारा कृष्ण प्रसाद वर्मा, लिपिक, सिविल सर्जन कार्यालय, औरंगाबाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, गोह निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता देय होगा।
साथ ही, उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु सिविल सर्जन, औरंगाबाद को संचालन पदाधिकारी तथा जिला स्थापना उप समाहर्ता, औरंगाबाद को उपस्थापन पदाधिकारी नामित किया गया है।
जिला पदाधिकारी ने नामित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि विभागीय कार्यवाही का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाए तथा कार्यवाही से संबंधित अभिलेख यथाशीघ्र समर्पित किए जाएं।