पितृपक्ष मेले में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निभाई धार्मिक परंपरा, पूर्वजों के प्रति जताई कृतज्ञता
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। पितृपक्ष के पावन अवसर पर बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को पुनपुन अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेले के दौरान पुनपुन नदी के तट पर अपने दो पीढ़ियों के पूर्वजों का पिंडदान एवं तर्पण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर अपने पितरों की शांति और आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की।
सनातन परंपरा में पुनपुन नदी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गया में पिंडदान से पहले पुनपुन में पिंडदान और तर्पण करना विशेष फलदायी माना जाता है। पितृपक्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने पहुंचते हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पितृपक्ष सनातन संस्कृति में पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, स्मरण और पारंपरिक संस्कारों के प्रति समर्पण का पावन पर्व है। पुनपुन का धार्मिक महत्व प्राचीन काल से रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखना हम सभी का कर्तव्य है।
पुनपुन घाट पहुंचने पर भाजपा नेता नीरज गुप्ता और सिंटू सिंह ने मंत्री का अंगवस्त्र एवं गुलदस्ता देकर स्वागत किया। वहीं, पुनपुन पांडा समिति के सचिव रिंकू पांडे ने भी उनका स्वागत करते हुए पुनपुन के धार्मिक महत्व की जानकारी दी।
इस दौरान भाजपा नेता पवन चौहान, अरुण चंद्रवंशी सहित भाजपा के कई जिला एवं मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पुनपुन घाट पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।