नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक 2 सितंबर को अयोध्या में होने जा रही है। इस बैठक में ट्रस्ट की अलग-अलग समितियों, धार्मिक न्यास समिति, निर्माण समिति, वित्त समिति और ऑडिट समिति के अलावा मैनेजिंग कमेटी का भी पुनर्गठन किया जाएगा।
आपको बता दें कि 22 जुलाई को हुई बैठक में धार्मिक न्यास समिति का पुनर्गठन किया गया था, लेकिन संतों के बीच नामों पर आम सहमति न बन पाने के कारण तीन अतिरिक्त नामों की घोषणा रोक दी गई थी। नौ सदस्यीय इस समिति में पूर्ति दिखाने के लिए चार ट्रस्टियों को शामिल किया गया था, जिसमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष स्वामी परमानंद और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेन्द्र दास शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, अब तीन दिग्गज संतों, शंकराचार्य, माध्वाचार्य और युगपुरुष को नियमित ट्रस्टी होने के कारण पदेन सदस्य बनाया जा सकता है। ऐसे में उनके स्थान पर अयोध्या के तीन अन्य संतों को समिति में जगह दी जाएगी। समिति के अध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि और महंत दिनेन्द्र दास अपने पद पर बने रहेंगे।
ट्रस्ट की मुख्य बैठक दूसरे सत्र में शाम चार बजे से होगी। इससे पहले दोपहर दो बजे विशेष बैठक बुलाई गई है। इस विशेष बैठक में सबसे पहले ट्रस्ट के रिक्त पड़े तीन पदों को भरने पर मंथन होगा।
इसके बाद सबसे अहम एजेंडा पूर्णकालिक महासचिव के चयन पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, पूर्णकालिक महासचिव के लिए नए सिरे से कुछ नामों पर विचार किया जा रहा है और संगठन स्तर पर सहमति बनाने की कोशिश जारी है। सब कुछ ठीक रहा तो दो सितंबर को ही नए महासचिव के नाम का ऐलान संभव है।
इसी बैठक में राम मंदिर के सचिव बने जगदीश आफले और मंदिर प्रबंधक नरपत डुकिया के नाम का भी ट्रस्टियों द्वारा औपचारिक अनुमोदन किया जाएगा। साथ ही ट्रस्ट के प्रवक्ता के बजाय मीडिया प्रभारी के नाम की भी घोषणा हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को वनवासी कल्याण आश्रम की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उनका केंद्र दिल्ली बना दिया गया है। वह पहले से ही विश्व हिंदू परिषद में संयुक्त मंत्री के तौर पर गुजरात प्रांत के प्रभारी हैं।
इस बीच राम मंदिर के पहले सीईओ के चयन के लिए बनी समिति ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े और पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली की सदस्यता वाली कमेटी ने सीईओ पद के लिए अपनी सिफारिशें ट्रस्ट के सामने रखी हैं।