नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। बिहार एक्युप्रेशर योग कॉलेज द्वारा बिस्कोमान कॉलोनी गोलंबर स्थित परिसर में किडनी रोग विषयक एक्युप्रेशर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एक्युप्रेशर महागुरु डॉ. सर्वदेव प्रसाद गुप्त ने कहा कि किडनी फेलियर में एक्युप्रेशर चिकित्सा अत्यंत लाभदायक साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि किडनी शरीर में रक्त से अवांछित तरल पदार्थ को मूत्र के रूप में बाहर निकालने, आवश्यक रसायनों का संतुलन बनाए रखने तथा हार्मोन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब किडनी सही ढंग से कार्य नहीं करती, तो इसे किडनी फेलियर कहा जाता है।

डॉ. गुप्त ने बताया कि किडनी फेलियर के एक्यूट कारणों में गंभीर संक्रमण, जलन, रक्त प्रवाह में रुकावट, रक्तचाप में असंतुलन, हृदय की विफलता तथा मूत्र मार्ग में अवरोध शामिल हैं। वहीं क्रॉनिक स्थिति में किडनी धीरे-धीरे अपनी कार्यक्षमता खो देती है, जिससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, पथरी, सूजन, सिरदर्द, उल्टी, सांस की समस्या और खुजली जैसी परेशानियां उत्पन्न होती हैं।
उन्होंने कहा कि एक्युप्रेशर चिकित्सा के माध्यम से किडनी की कार्यक्षमता में सुधार किया जा सकता है, जिससे मरीज स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, साथ ही डॉ. गुप्त का जन्मोत्सव भी मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज सचिव डॉ. अजय प्रकाश ने बताया कि एक्युप्रेशर चिकित्सा के जरिए किडनी एवं उससे जुड़े अंग यूरेटर, ब्लैडर और यूरेथ्रा के कार्यों को संतुलित कर क्रिएटिनिन और यूरिया असंतुलन से उत्पन्न समस्याओं का प्रभावी एवं कम समय में उपचार संभव है।
संगोष्ठी में बीएवाईसी एनाटॉमी विभागाध्यक्ष एवं पूर्व सिविल सर्जन डॉ. एल. पी. सिंह ने किडनी के रचना विज्ञान और क्रिया विज्ञान पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम को कॉलेज कोषाध्यक्ष वीणा प्रकाश, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हरे राम राय, डॉ. उपेंद्र नायक, डॉ. सुनील कुमार सुमन सहित कई विशेषज्ञों ने संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में चिकित्सक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।