30 अप्रैल को विभिन्न जिलों में एमपी, एमएलए करेंगे बैठक
उपेंद्र कश्यप
दाउदनगर। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी एनडीए से अलग होकर अकेले 135 सीट पर चुनाव लड़ी। नतीजा जदयू अपने सबसे बुरे दौर में पहुंच गई थी। तब इस पार्टी के सुप्रीमो चिराग पासवान ने बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट का नारा दिया था। जिसे डॉक्यूमेंट विजन बताया गया था। हालांकि चुनाव अकेले लड़ने को लेकर हुए मतभेद के कारण पार्टी में विभाजन हुआ और वर्ष 2021 में लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास का गठन हुआ। जिसके सर्वे सर्वे चिराग पासवान हैं।
अब पार्टी बिहार के छह साल पुराने डॉक्यूमेंट विजन को नए रंग ढंग में डालकर उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी में है। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में चुनाव होना है और वहां यह पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। तैयारी आरंभ हो गई है। पॉलिटिक्स की चाल बड़ी टेढ़ी होती है। शतरंज में घोड़ा भले ढाई चाल चलता है, लेकिन राजनीति की चाल को अंकों में बताना लगभग असंभव है। पार्टी अपना विस्तार करना चाहती है। इसके लिए उत्तर प्रदेश में उसने नारा दिया है – यूपी फर्स्ट- यूपी वाले फर्स्ट। यानी बिहार में जो नारा चिराग पासवान ने 2020 में दिया था, और 2025 में एनडीए के साथ रहकर चुनाव लड़ते हुए इसी नारे को आगे बढ़ाती रही उसका उसे लाभ भी हुआ।

अब इसी विजन के साथ वह उत्तर प्रदेश पहुंच रही है। कोशिश यह है कि पार्टी इस तरह के नारे से यूपी वालों को प्रभावित कर सके। भले ही केंद्र में एनडीए का हिस्सा है पार्टी, लेकिन उत्तर प्रदेश में चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी है। स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समूह विशेष कर दलित और बहुजनों के प्रतिनिधि के रूप में खुद को स्थापित करने की पार्टी कोशिश करती हुई दिख रही है। अब इसमें सफलता कितनी मिलेगी यह वक्त बताएगा। परिणाम आने के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। पार्टी की कोशिश यह भी है कि पूर्वांचलियों को प्रभावित किया जाए और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा जाए।
महत्वपूर्ण यह है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित बहुजन काफी प्रभावशाली जातीय समूह है। इस वोट बैंक पर कई नेताओं के दावे हैं। ऐसे में लोजपा रामविलास की यह कोशिश एनडीए को लाभ पहुंचा सकती है। पार्टी के पिछड़ा अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिला प्रभारी बनाए गए ओबरा के विधायक डॉ प्रकाश चंद्र तथा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला के प्रभारी बनाए गए पार्टी के प्रदेश महासचिव सह डेहरी ऑन सोन के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह ने बताया कि संगठन विस्तार के लिए 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। पार्टी के तमाम विधायक और सांसदों को संगठन विस्तार की जिम्मेदारी दी गई है।
महत्वपूर्ण है कि लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के कुल 27 विधायक और पांच सांसद हैं। जिसमें बिहार से 19 विधायक और पांच सांसद हैं। जबकि झारखंड से एक तथा नागालैंड व मणिपुर से छह विधायक हैं। सभी को संगठन विस्तार की जिम्मेदारी दी गई है ताकि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी मजबूती से खड़ी हो सके।
पोलिटिक्स बहुत टेढ़ी होती है। इसमें जो आज दिखती है, जरूरी नहीं कल वही हो।