नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में बुधवार की सुबह औरंगाबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार साइकिल से व्यवहार न्यायालय पहुंचे।
प्रधान जिला जज ने अपने दानी बिगहा स्थित सरकारी आवास से पुरानी जीटी रोड एवं समाहरणालय के मुख्य द्वार होते हुए करीब दो किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की। इसके बाद वे व्यवहार न्यायालय स्थित अपने कार्यालय पहुंचे और दैनिक न्यायिक कार्यों में जुट गए। इस दौरान उनके अंगरक्षक भी साइकिल से उनके साथ न्यायालय पहुंचे।
बताया गया कि यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा वैश्विक ऊर्जा संकट तथा अमेरिका-ईरान तनाव के कारण बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों के बीच ईंधन बचाने की अपील के समर्थन में की गई है। प्रधान जिला जज ने अपने इस कदम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि ईंधन संरक्षण की जिम्मेदारी केवल आम जनता की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भी है।
प्रधान जिला जज की इस अनोखी पहल की शहर में व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समाज के उच्च पदों पर आसीन लोग इस प्रकार उदाहरण प्रस्तुत करें, तो आम जनता भी ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक होगी।