नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
डिहरी-ऑन-सोन/औरंगाबाद। डिहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है। मगध के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं त्वरित अनुसंधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआइटी का गठन किया गया है।

टीम में औरंगाबाद, रोहतास तथा बारून एवं डिहरी नगर थाना के अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें पुलिस अधीक्षक औरंगाबाद के अलावा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2 आदित्य कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक बारून परवेज अली, पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष बारुन रंजीत कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक डीआइयू सेल चंद्रहास, अंचल पुलिस निरीक्षक डिहरी नगर थाना अनिल कुमार दुबे, पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष डिहरी थाना राहुल एवं पुलिस अवर निरीक्षक एवं प्रभारी डीआइयू सेल राजकुमार यादव शामिल हैं।
एसआइटी स्थानीय पुलिस, एफएसएल, डीआइयू, तकनीकी शाखा तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर भौतिक, वैज्ञानिक, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का व्यापक विश्लेषण करेगी। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति या षड्यंत्रकर्ता की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विदित हो कि रोहतास जिले के डिहरी नगर परिषद में पदस्थापित कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की 1 अगस्त 2026 को हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने मामले में चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के आधार पर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है। हालांकि प्राथमिकी में अन्य अज्ञात व्यक्तियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है, जिसकी सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
बिहार पुलिस ने आमजन एवं मीडिया से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। केवल पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक माना जाए। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल प्रत्येक दोषी के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।