नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मोकामा। थाना क्षेत्र के चिंतामणिचक से शहीद द्वार जाने वाली सड़क पर गुरुवार को करंट लगने से एक व्यवसायी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान नंदन सिंह (42 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, नंदन सिंह मूल रूप से शेखपुरा जिले के मेहुस थाना क्षेत्र के चितौरा गांव के निवासी थे, लेकिन पिछले करीब 20 वर्षों से मोकामा में रहकर सीमेंट पाट, रिंग, पिलर और सेनेटरी सामग्री का व्यवसाय कर रहे थे।
मृतक के यहां कार्यरत एक कर्मी ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से प्लांट की बिजली आपूर्ति बाधित थी। बिजली का तार कहीं टूट गया था। गुरुवार दोपहर नंदन सिंह स्वयं यह देखने निकले कि तार कहां टूटा है। इसी दौरान वे सड़क किनारे टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए और करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल नाजरेथ अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त सड़क पर निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन से बिजली का तार टूट गया था, जो कीचड़ और मिट्टी में दब गया था। इसी कारण नंदन सिंह उसे देख नहीं सके और करंट की चपेट में आ गए। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली के पोल से लगभग 200 मीटर तार कई दिन पहले चोर काटकर ले गए थे। इसकी सूचना बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन विभाग ने समय रहते तार की मरम्मत या सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। यदि विभाग ने तत्परता दिखाई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था।
हालांकि, मोकामा बिजली विभाग के एसडीओ प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें तार टूटने की कोई सूचना नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि तार किस कारण से टूटा और घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच कराई जा रही है।
वहीं मोकामा थानाध्यक्ष कुणाल कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम अनुमंडल अस्पताल, बाढ़ में कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।