नगर भवन, औरंगाबाद में VB-G RAM G अधिनियम-2025 को लेकर पंच सम्मेलन आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज नगर भवन, औरंगाबाद में उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह की अध्यक्षता में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण (VB-G RAM G) अधिनियम-2025 के संबंध में जागरूकता एवं क्षमता निर्माण के उद्देश्य से जिला स्तरीय ‘पंच सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों एवं ग्राम पंचायतों के मुखिया सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक सहित VB-G RAM G से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए VB-G RAM G अधिनियम-2025 के उद्देश्यों, प्रावधानों एवं कार्यान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि VB-G RAM G योजना 01 जुलाई 2026 से प्रभावी है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करने का प्रावधान है। योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है। यह पहल विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण भारत की भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि VB-G RAM G के अंतर्गत ग्राम पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों की पहचान एवं योजना तैयार की जाएगी तथा स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत कार्यों को मुख्यतः चार प्रमुख श्रेणियों—जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढाँचा, ग्रामीण आजीविका तथा आपदा प्रबंधन/शमन में वर्गीकृत किया गया है। योजना के अंतर्गत कुल 318 प्रकार के कार्यों को चिह्नित किया गया है।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि अधिनियम के तहत ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, कार्यान्वयन, निगरानी, परिसंपत्तियों के रख-रखाव, पारदर्शिता एवं सामाजिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से योजना के प्रावधानों को अच्छी तरह समझते हुए ग्रामीण परिवारों तक इसका व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
‘पंच सम्मेलन’ के दौरान संबंधित विशेषज्ञ पदाधिकारियों द्वारा VB-G RAM G अधिनियम-2025 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। अनुपम कुमार, निदेशक, NEP, डीआरडीए, औरंगाबाद; अखौरी मनीष, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, VB-G RAM G, डीआरडीए, औरंगाबाद; संजय पंडित, कार्यपालक अभियंता, VB-G RAM G, डीआरडीए, औरंगाबाद; राजेश कुमार चौधरी, कार्यक्रम पदाधिकारी, हसपुरा तथा अभिषेक कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी, सदर औरंगाबाद द्वारा योजना के उद्देश्य एवं प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई।
प्रस्तुतीकरण के दौरान पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के निर्माण एवं अनुमोदन की प्रक्रिया, परिवारों के पंजीकरण एवं ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया, ग्रामीण विकास कार्यों की योजना तैयार करने एवं उनके क्रियान्वयन, कार्यों की निगरानी एवं रख-रखाव, विभिन्न योजनाओं के साथ अभिसरण, कार्यों में पारदर्शिता, शिकायतों के निवारण, सामाजिक जवाबदेही तथा सामाजिक लेखा परीक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, पात्र परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना सभी संबंधित पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की गई तथा उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का संबंधित पदाधिकारियों द्वारा समाधान किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य VB-G RAM G अधिनियम-2025 के प्रावधानों की जमीनी स्तर पर समझ विकसित करते हुए इसके प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक समन्वय एवं क्षमता निर्माण सुनिश्चित करना रहा।