कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसा, आवागमन प्रभावित, प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी तेज की
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। पुनपुन नदी के उफान से मसौढ़ी अनुमंडल में बाढ़ का संकट गहरा गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर बह रहा है। कई गांवों में पानी घुसने से लोगों में दहशत है। ग्रामीण घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट होने को मजबूर हैं। सड़कों पर पानी चढ़ने से जनसंपर्क और यातायात प्रभावित हुआ है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार पुनपुन नदी का डेंजर लेवल 50.60 मीटर है, जबकि शुक्रवार को जलस्तर 53.16 मीटर रिकॉर्ड किया गया। अधिकारियों के मुताबिक 1976 में जलस्तर 53.91 मीटर दर्ज हुआ था। इसके बाद पहली बार नदी का जलस्तर उस रिकॉर्ड के करीब पहुंचा है। 1976 में सुरक्षा बांध टूटने से पुनपुन, मसौढ़ी सहित पटना जिले के बड़े हिस्से में विनाशकारी बाढ़ आई थी।
इधर, धनरुआ की दरधा नदी भी करीब 20 साल बाद विकराल रूप में है। उसका जलस्तर 52.90 मीटर बताया जा रहा है। पुनपुन में बरावां पंचायत के करीब 10 गांव और लखना उत्तरी पंचायत के आठ गांव प्रभावित हैं। वहीं धनरुआ में दरधा नदी से चार पंचायतों में बाढ़ का असर है।
जिला प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहा है। अधिकारियों को तटबंधों की 24 घंटे निगरानी और युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, पशुओं के लिए चारा और स्कूलों में ठहरने की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।