नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
भागलपुर। करम पर्व की वो पावन सुबह, जो परिवारों में खुशियां और उमंग लेकर आई थी, अचानक एक ऐसे गहरे अंधकार में बदल जाएगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। सुलतानगंज के उधाडीह तरैटा बहियार से आई यह खबर मात्र एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरे समाज के कलेजे को चीर देने वाला एक ऐसा घाव है जो कभी नहीं भरेगा। जिस दिन घरों में ढोल-नगाड़े और करम पर्व के गीतों की गूंज होनी थी, वहां आज सिर्फ मातम का सन्नाटा है। भागलपुर जिला के सुल्तानगंज के उधाडीह में सोमवार की सुबह एक ऐसी काली सुबह बनकर आई, जिसने छह हंसते-खेलते परिवारों को ताउम्र का दर्द दे दिया।
एक मासूम को बचाने की कोशिश में, एक-एक कर छह नन्हे चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। ज्योति, मीनाक्षी, आयुष, राहुल, पूजा और विकास ये सिर्फ नाम नहीं हैं, ये छह हंसते-खेलते परिवारों के भविष्य थे, जो अब केवल यादों में शेष रह गए हैं। पोखर में नहाने गए 10 से 12 साल के मासूम बच्चों को क्या मालूम था कि मौत वहां उनका इंतजार कर रही है। एक बच्चे को डूबता देख, बाकी पांच ने उसे बचाने के लिए अपने हाथ बढ़ाए, लेकिन अफसोस! नदी की गहराई ने उन सभी मासूमों को लील लिया। जब अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया, तो पिताओं के कलेजे फट पड़े। त्योहार के दिन जिन आंगनों में किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ मां-बाप की बेबस चीखें बाकी हैं।

जानकारी के अनुसार, हादसा सुलतानगंज थाना क्षेत्र के उधाडीह पंचायत के तरैटा बहियार में हुआ। मृतकों में तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल हैं। सभी की उम्र करीब 10 से 12 वर्ष के बीच बतायी जा रही है। बताया गया कि करमा-धरमा पर्व के मौके पर बच्चे पोखर में स्नान करने गये थे। हादसे की खबर मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गयी बच्चों के डूबने की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण पोखर की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सभी छह बच्चों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद परिजन उन्हें सुलतानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने एक-एक कर सभी छह बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान ज्योति कुमारी पिता धनंजय मंडल निवासी रजंदीपुर सबौर, मीनाक्षी कुमारी पिता वाल्मीकि मंडल, आयुष कुमार पिता विनोद मंडल, राहुल कुमार पिता पूरब मंडल, पूजा कुमारी पिता पूरन मंडल और विकास कुमार पिता रंजन कुमार के रूप में हुई है। बताया गया कि छह मृतकों में पांच बच्चे विष्णुटोला, नगर परिषद सुलतानगंज के वार्ड 27 के रहने वाले थे, जबकि ज्योति कुमारी रजंदीपुर, सबौर के निवासी थी।
सभी छह बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। जिन घरों में करम पर्व को लेकर सुबह से उत्साह था, वहां कुछ ही घंटों बाद रोने की आवाजें सुनाई देने लगीं। एक साथ छह बच्चों की मौत से गांव और आसपास का इलाका शोक में डूब गया। पर्व के दिन जिन आँगनों में बच्चों की किलकारियों गूंजनी थीं, वहाँ आज सन्नाटा और अपार शोक पसरा है।