नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
भागलपुर। बिहार के अंग जनपद (भागलपुर) और सीमांचल का “लाइफलाइन ” कहलाने वाला विक्रमशिला गंगा पुल पर बुधवार की देर रात से आवागमन बंद कर दिया गया है। भागलपुर की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडेय ने गुरुवार को यहां बताया कि इस पुल के मरम्मती एवं रखरखाव कार्य (पुर्नस्थापन) के लिए अगले तीन महीने तक आवागमन बंद रहेगा। इस कार्य के लिए संबंधित निर्माण एजेंसी यहां पहुंच चुकी है। जबकि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम द्वारा पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों पर लगाये गये बेली ब्रिज को हटाया जा रहा है। इसके स्थान पर मजबूत स्टील ट्रस्ट ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके मद्देनजर आम लोगों की सुविधा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अगले तीन महीने तक जलमार्ग (गंगा नदी) के जरिए वैकल्पिक यातायात एवं फेरी सेवा की व्यवस्था की गई है। जिसके तहत भागलपुर और नवगछिया की ओर से कई बड़े जहाज एवं नावों का निःशुल्क परिचालन गुरुवार की सुबह से शुरु किया गया है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा पर्याप्त क्षमता वाले एवं सुरक्षित वाहनों के माध्यम से अधिक से अधिक यात्रियों का जलमार्ग से आवागमन सुनिश्चित किया जा सके, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है।
आवागमन के लिए बरारी क्षेत्र के बियाडा घाट से नवगछिया के जाह्नवीं घाट और वहां से (नवगछिया) बियाडा घाट (भागलपुर) के लिए आधा दर्जन से अधिक बड़े जहाज और नावों के परिचालन की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के तहत भागलपुर और नवगछिया की ओर से पैदल यात्री और साइकिल एवं मोटरसाइकिल सवार निःशुल्क आवागमन करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि बियाडा घाट से सटे बाबूपुर घाट से कार्गो जहाजों का परिचालन आरंभ किया जा रहा है। जिसके माध्यम से बड़े-छोटे गाड़ियों आवागमन होगा। इस दौरान आम लोगों की सुविधा के लिए इस वैकल्पिक यातायात के सुचारु संचालन हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि इस दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वैकल्पिक मार्गों पर यातायात नियंत्रण, वाहनों की आवाजाही तथा भीड़ प्रबंधन की लगातार निगरानी की जाए।
उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए सभी संबंधित स्थानों पर (जहाज घाट) नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा शिविर , जीविका दीदी की रसोई, , प्रशासनिक प्रतिनिधि, आपदा मित्र एवं पुलिस बल सहित अन्य सुरक्षात्मक एवं सुविधा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है।इन व्यवस्थाओं की निगरानी का जिम्मा जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों को दिया गया है। श्रीमती पांडेय ने बताया कि भागलपुर और झारखंड के समीपवर्ती जिलों के लोगों को पटना और उत्तर बिहार जाने के लिए निर्माणाधीन मुंगेर – मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन (एनएच-33) के एक लेन को भागलपुर से मुंगेर तक आवागमन हेतु चालू किया गया है। जिससे आमलोगों को इस सड़क मार्ग से मुंगेर गंगा पुल को पार कर अपने गंतव्य स्थान की ओर जाने में सुविधा होगी।
अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि इस वैकल्पिक यातायात व्यवस्था के तहत अगले तीन महीने तक यात्रियों की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक पुलिस व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। विभिन्न घाटों एवं वैकल्पिक यातायात मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा यात्रियों के सुचारु आवागमन के लिए पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की आवश्यक प्रतिनियुक्ति की गई है और वेलोग संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखेंगे। यात्रियों की सहायता एवं समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला आपातकालीन कंट्रोल रुम को नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्यरत रखा गया है , जो चौबीस घंटे काम करेगा। यह कक्ष भागलपुर और नवगछिया की ओर
दोनों जगहों पर स्थापित किया गया है।आवागमन के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने, प्रश्न पूछने या सुझाव देने के लिए यात्री जिला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि बिहार के अंग जनपद (भागलपुर) और सीमांचल के लिए लाइफलाइन के रुप में लंबे समय से बेहतर आवागमन का साधन बनने वाले इस विक्रमशिला पुल के बंद रहने के दौरान दोनों बड़े क्षेत्रों के आमलोगों को तीन महीने तक जलमार्ग से आवागमन करना होगा। ऐसे में शुरुआती दौर में अभी पर्व- त्यौहार के नजदीक आने से भागलपुर और नवगछिया के लोगों के लिए उक्त वैकल्पिक यातायात व्यवस्था (जलमार्ग) परेशानियों का कारण बन सकता है। हालांकि जिला प्रशासन अपने पूरी टीम के साथ इस व्यवस्था को सुगमतापूर्वक संचालित करने में लगा हुआ है।