बिहार के सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल हुआ दाउदनगर का ऐतिहासिक जिउतिया लोक उत्सव, स्मारिका का भी हुआ लोकार्पण
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। दाउदनगर की सदियों पुरानी जिउतिया लोक परंपरा को संरक्षित एवं व्यापक मंच प्रदान करने की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल हुई। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में ‘जिउतिया लोक उत्सव’ का भव्य शुभारंभ किया गया। पहली बार बिहार सरकार द्वारा आयोजित इस लोक उत्सव को वर्ष 2026 में बिहार के सांस्कृतिक कैलेंडर में स्थान दिया गया है।
उत्सव के शुभारंभ के अवसर पर कुटुंबा विधायक ललन राम, जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, नगर परिषद दाउदनगर की अध्यक्ष, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह सहित अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, लोक कलाकार एवं मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ हुई। अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर अमित राजन ने स्वागत भाषण देते हुए समारोह में मौजूद अतिथियों, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों एवं नागरिकों का स्वागत किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि दाउदनगर में जिउतिया केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। स्थानीय परंपराओं एवं उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार दाउदनगर में जिउतिया का आयोजन लगभग डेढ़ से दो शताब्दियों से होता आ रहा है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ जिउतिया की परंपरा धार्मिक अनुष्ठान से आगे बढ़कर व्यापक लोक उत्सव का स्वरूप ले चुकी है। जीमूतवाहन चौक दाउदनगर की जिउतिया संस्कृति का जीवंत केंद्र है, जहां पीढ़ियों से चली आ रही पूजा-पद्धति, लोकगीत, झूमर, लावणी एवं लोक-अभिनय की परंपराएं आज भी जीवंत हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिउतिया लोक उत्सव को राज्य के सांस्कृतिक कैलेंडर में स्थान मिलना दाउदनगर की लोक संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इससे स्थानीय लोक परंपराओं एवं कलाकारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान जिउतिया लोक उत्सव की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित स्मारिका का भी लोकार्पण किया गया। स्मारिका में दाउदनगर की जिउतिया परंपरा के इतिहास, लोक संस्कृति और इससे जुड़ी विशिष्ट परंपराओं को संकलित किया गया है।
स्मारिका के माध्यम से इस लोक उत्सव की ऐतिहासिक यात्रा और सांस्कृतिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
कुटुंबा विधायक ललन राम ने उपस्थित लोगों को जिउतिया पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दाउदनगर की समृद्ध जिउतिया परंपरा और लोक संस्कृति के संरक्षण में स्थानीय नागरिकों एवं लोक कलाकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से दाउदनगर की विशिष्ट जिउतिया लोक परंपरा को आने वाले वर्षों में और व्यापक मंच मिल सकता है। इससे इस ऐतिहासिक परंपरा की पहचान दूर-दूर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उप समाहर्ता रितेश यादव, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, लोक कलाकार एवं प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।