नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुम्बई। जब जुनून और अटूट भरोसा एक साथ मिलते हैं, तो इतिहास बनता है। फिल्म ‘राका’ की पूरी टीम ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। एक ऐसा सपना जो नामुमकिन लगता था। एक साथ 37 लोगों का रियल-टाइम मोशन कैप्चर करना उसे इस टीम ने सच कर दिखाया और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद जब प्रमाणपत्र अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली के हाथों में आया, तो वह सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि महीनों की रातों की नींद और कड़ी मेहनत का फल था। अल्लू अर्जुन ने भावुक होते हुए कहा, “यह हम सभी के लिए बेहद खास पल है। यह सिनेमा की सीमाओं को आगे बढ़ाने वाला क्षण है।” यह कामयाबी हमें सिखाती है कि अगर विजन बड़ा हो और टीम का साथ अटूट हो तो भारतीय सिनेमा दुनिया के किसी भी मंच पर चमक सकता है।
आइकॉन स्टार अल्लू अर्जुन और ब्लॉकबस्टर निर्देशक एटली की जोड़ी ने सिनेमा की दुनिया में वो कर दिखाया है जो आज तक कोई नहीं कर पाया! उनकी आने वाली फिल्म ‘राका’ ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम सुनहरे अक्षरों से दर्ज करा लिया है। फिल्म ने एक साथ पूरे 37 कलाकारों का ‘रियल-टाइम मोशन-कैप्चर’ करके इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। 15 सितंबर 2026 को जब गिनीज के सीनियर एडजुडिकेटर स्वप्निल डांगरिकर ने अल्लू अर्जुन और एटली को यह ऑफिशियल सर्टिफिकेट सौंपा, तो पूरी टीम की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस महा-उपलब्धि पर गर्व से भरे अल्लू अर्जुन ने कहा, “यह वैश्विक स्तर पर एक नया मानदंड स्थापित करने वाला क्षण है। यह मेरे निर्देशक एटली के विजन और सन पिक्चर्स के अटूट समर्थन के बिना मुमकिन नहीं था।” भारतीय सिनेमा का सीना चौड़ा करने वाले इस पल ने साबित कर दिया है कि ‘राका’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक विजुअल क्रांति होने वाली है! आइकॉन स्टार अल्लू अर्जुन अभिनीत, वी. अरुणकुमार (एटली) द्वारा निर्देशित और सन पिक्चर्स के कलानिधि मारन द्वारा निर्मित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘राका’ ने सिनेमाई तकनीक के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की
यह रिकॉर्ड फरवरी 2026 में बनाया गया था और 15 सितंबर 2026 को इसे आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के सीनियर एडजुडिकेटर स्वप्निल डांगरिकर ने एक विशेष समारोह में अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली को आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपा। इस अवसर पर फिल्म की मुख्य कास्ट और क्रू भी मौजूद रही। इस उपलब्धि पर अल्लू अर्जुन ने कहा, “हम इस असाधारण उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। यह सिनेमा की सीमाओं को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर एक नया मानदंड स्थापित करने वाला क्षण है। मैं गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारे प्रयासों को मान्यता दी। यह उपलब्धि मेरे निर्देशक एटली के विजन, पूरी टीम की मेहनत और सन पिक्चर्स के अटूट समर्थन के बिना संभव नहीं थी। यह हम सभी के लिए बेहद खास पल है।”
निर्देशक एटली ने कहा, “बचपन से हम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के बारे में बड़े आश्चर्य और उत्साह के साथ सुनते आए हैं। कभी नहीं सोचा था कि एक दिन हम खुद ऐसा रिकॉर्ड बनाएंगे। एक ही शूट में 37 मोशन-कैप्चर एसेट्स को एक साथ कैप्चर करने के लिए यह सम्मान मिलना अविश्वसनीय और विनम्र बना देने वाला अनुभव है। यह मुझे याद दिलाता है कि जब हम बड़े सपने देखते हैं और पूरी आस्था के साथ मिलकर काम करते हैं, तो असंभव भी संभव हो सकता है। मैं अपनी पूरी टीम का आभारी हूं, जिन्होंने इस सपने पर भरोसा किया और इसे हकीकत में बदला।”
गौरतलब है कि फिल्म के लिए किए गए इस विशेष मोशन-कैप्चर अभ्यास में 4 साल के बच्चे से लेकर 70 साल की उम्र तक के कुल 37 कलाकारों को एक साथ रियल-टाइम में कैप्चर किया गया है। हालांकि चुनौती यह थी कि एक ही कैप्चर वॉल्यूम के भीतर सभी 37 कलाकारों के प्रदर्शन को सटीक रूप से रिकॉर्ड किया जाए और उसकी गुणवत्ता को बरकरार रखा जाए। इस रिकॉर्ड को संभव बनाने के लिए फिल्म के वीएफएक्स प्रोड्यूसर ने ‘राका’ की तकनीकी जरूरतों और विशाल स्तर को ध्यान में रखते हुए एक नई मोशन-कैप्चर पाइपलाइन और वर्कफ्लो विकसित किया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास के दौरान 92 ऑप्टिकल मोशन-कैप्चर कैमरों का उपयोग किया गया। इसके साथ कैप्चर, कैलिब्रेशन, नेटवर्किंग, सिंक्रोनाइजेशन, रियल-टाइम अनरियल विजुअलाइजेशन, फेसियल कैप्चर और कई विशेषज्ञ तकनीकी टीमों को शामिल करते हुए एक अत्याधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम तैयार किया गया है।
यह उपलब्धि सन पिक्चर्स के भव्य विजन, एटली की रचनात्मक सोच, अल्लू अर्जुन की सीमाओं को आगे बढ़ाने वाली प्रतिबद्धता, एप्पल आर्ट स्टूडियो की तकनीकी विशेषज्ञता, फिल्म के उन्नत वीएफएक्स वर्कफ्लो और पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। दिलचस्प बात यह है कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से आगे बढ़कर, ‘राका’ की यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा के लिए वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतिनिधित्व कर रही है। यह समकालीन भारतीय फिल्म निर्माण की तकनीकी क्षमता, महत्वाकांक्षा और नवाचार को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है। भारतीय रचनात्मक और तकनीकी प्रतिभाओं द्वारा हासिल की गई यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। फिलहाल ‘राका’ के साथ भारतीय सिनेमा ने एक बार फिर दुनिया के सामने यह साबित किया है कि तकनीक और रचनात्मकता के क्षेत्र में उसकी संभावनाएं असीमित हैं।