नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
जपला। रेलवे संपत्ति के मामले में जपला आरपीएफ की हालिया कार्रवाई ने रेलवे संपत्ति की चोरी के पीछे सक्रिय एक बड़े और संगठित कबाड़ सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया है, जहाँ सोशल मीडिया की एक शिकायत ने इस काले कारोबार की गहरी जड़ों तक पहुंचने का रास्ता साफ किया। 26 अगस्त को ‘रेल मदद’ और एक्स पूर्व में ट्विटर पर एक नागरिक द्वारा सिगसिगी स्टेशन के पास रेलवे लोहा चोरी होने की गुप्त सूचना दी गई।
आरपीएफ ने इसे सामान्य शिकायत मानने के बजाय एक बड़े नेटवर्क का सुराग माना और तुरंत तकनीकी व जमीनी स्तर पर जांच शुरू की। जांच में यह साफ हुआ कि चोरी का यह माल सीधे विश्रामपुर के एक कबाड़खाने तक पहुंच रहा था, जिसे संरक्षण मिल रहा था।
विश्रामपुर स्थित प्रभु साव की कबाड़ दुकान पर जब दबिश दी गई, तो वहां से भारी मात्रा में रेलवे का अवैध लोहा बरामद हुआ। सिर्फ कबाड़खाना ही नहीं, बल्कि नौकाडीह-दरुआ गांव के ठिकानों पर भी चोरी की सामग्री को शातिराना तरीके से छिपाकर रखा गया था। आरपीएफ गया की अपराध आसूचना शाखा और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में 1,020 किलोग्राम रेलवे लोहा और 26 किलोग्राम तांबा जब्त किया गया।
गिरफ्तार अनिल कुमार की निशानदेही पर आरपीएफ टीम ने नौकाडीह-दरुआ गांव में अरुण चौधरी के मकान पर छापेमारी की। यहां से मुकुलेश चौधरी, निवासी नौकाडीह-दरुआ, थाना उंटारी रोड को पकड़ा गया। आरपीएफ के अनुसार, मकान के आंगन से रेलवे के चादरनुमा लोहे के 23 टुकड़े बरामद हुए, जिनका वजन करीब 500 किलो है। पूछताछ में मुकुलेश ने रेलवे की मालगाड़ियों से लोहा चोरी कर उसे कबाड़ दुकान में बेचने की जानकारी दी। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरपीएफ जपला में मामला दर्ज आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को जब्त रेलवे संपत्ति के साथ जपला पोस्ट लाया। मामले में आरपीएफ पोस्ट जपला में कांड संख्या 01/26, दिनांक 27 अगस्त 2026, धारा 3 आरपी (यू.पी.) एक्ट के तहत अनिल कुमार, मुकुलेश चौधरी एवं अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच आरपीएफ पोस्ट जपला के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार झा को सौंपी गई है।
सिगसिगी स्टेशन के समीप से टन के हिसाब से लोहा चोरी होना यह बताता है कि यह खेल रातों-रात नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से चल रहा था।आरपीएफ ने दो आरोपियों को दबोच लिया है, लेकिन क्या यह सिर्फ दो लोगों का काम है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट है जो रेलवे के ठेकेदारों या अन्य नेटवर्क से जुड़ा है? पुलिस अब इस पूरे नेक्सस को खंगाल रही है।