नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिले के बारुन प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल, सुंदरगंज में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव तथा महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि साइबर एवं ट्रैफिक डीएसपी अविनाश कुमार कश्यप, विशिष्ट अतिथि रिसियप थानाध्यक्ष संजीत कुमार एवं सब इंस्पेक्टर सोनाली श्री उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों, जिला जूनियर रेड क्रॉस काउंसेलर निरंजय कुमार एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का पौधा देकर स्वागत किया गया।
मुख्य अतिथि अविनाश कुमार कश्यप ने विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध एप डाउनलोड नहीं करने तथा ओटीपी, पासवर्ड और एटीएम/डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, साइबर फ्रॉड एवं फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि साइबर अपराधी अक्सर भय, लालच या जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन लेन-देन के मामले में बिना सत्यापन के कदम नहीं उठाना चाहिए।
कार्यशाला में महिला सुरक्षा, अभया ब्रिगेड, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान, ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर स्टॉकिंग तथा फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। छात्राओं को किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति में तत्काल अभिभावक, शिक्षक अथवा पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने विद्यार्थियों से आपराधिक घटना अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। सब इंस्पेक्टर सोनाली श्री ने महिला सुरक्षा, पुलिस दीदी एवं बालिकाओं के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षित समाज की आधारशिला है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग एवं महिला सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जिनका पुलिस पदाधिकारियों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया।
कार्यक्रम संयोजक निरंजय कुमार ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदाराना उपयोग करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम को सफल बनाने में साइबर ब्रांच के प्रोग्रामर राहुल कुमार, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।