50 फीट सड़क बहने से आधा दर्जन गांवों की आवाजाही ठप, मरीजों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। पुनपुन नदी में आई बाढ़ का पानी अब गांवों से उतर चुका है, लेकिन बाढ़ की तबाही के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुनपुन प्रखंड की लखनपार पंचायत की मुख्य सड़क बाढ़ के तेज बहाव में करीब 50 फीट तक टूटकर बह गई थी। बाढ़ का पानी निकल जाने के बाद भी क्षतिग्रस्त सड़क की अब तक मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, लखनपार पंचायत की यह मुख्य सड़क आसपास के गांवों को पुनपुन प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। सड़क टूट जाने के कारण सिसवाचक, जोगापुर, घुड़दौड़, फहीमचक, हरेचक और सबलपुर समेत करीब आधा दर्जन गांवों का सीधा संपर्क बाधित हो गया है। सड़क के टूटे हुए करीब 50 फीट हिस्से में अब भी छाती भर पानी जमा है। स्थिति ऐसी है कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल है। बाइक तो दूर, साइकिल से भी इस हिस्से को पार करना संभव नहीं है।
सड़क टूटने से सबसे अधिक परेशानी मरीजों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रही है। किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब होने या रात के समय किसी आपात स्थिति में उसे कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वहीं बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी काफी परेशानी हो रही है।
लखनपार के वार्ड सचिव सुभाष कुमार ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार प्रशासन से आग्रह किया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। वार्ड सदस्य अयोध्या दास, गिरधारी दास, मिथिलेश कुमार, भोला सिंह और चंदन केवट के अलावा दुलारपुर की उषा देवी तथा रणविजय राम ने कहा कि बाढ़ का पानी निकल गया, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़क की ओर अब तक प्रशासन का ध्यान नहीं गया है।
लखनपार पंचायत के मुखिया ने बताया कि बाढ़ से सड़क टूटने की जानकारी अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को दे दी गई है। सड़क की जल्द मरम्मत कराने का आग्रह भी किया गया है, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन मिला है और जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि गांवों का संपर्क फिर से बहाल हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में मरीजों, विद्यार्थियों और आम लोगों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
वहीं, पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने भी जिला प्रशासन से लखनपार पंचायत की टूटी सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने और प्रभावित गांवों में आवागमन बहाल करने की मांग की है।