नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद।
आज आईटीआई कॉलेज, बभनडीह, औरंगाबाद के सभा कक्ष में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा एक दिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक श्रमायुक्त, औरंगाबाद ने की। इस अवसर पर श्रम अधीक्षक अंजू कुमारी, सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तथा जिले के सभी प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों से आए श्रमिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं बिहार गीत के साथ किया गया। प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न अधिनियमों एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इनमें चारों श्रम संहिताएँ, बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना-2011, बिहार प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना-2008, ई-श्रम, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल थे।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि किसी संस्थान में पाँच वर्ष या उससे अधिक अवधि तक कार्य करने वाले श्रमिक यदि किसी कारणवश सेवा से अलग होते हैं, तो उन्हें नियमानुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। यदि नियोजक द्वारा ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित श्रमिक उप श्रमायुक्त कार्यालय, गया में आवेदन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
श्रमिकों को यह भी अवगत कराया गया कि सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर निर्धारित की गई है, जिसका भुगतान प्रत्येक नियोजक के लिए अनिवार्य है। यदि किसी श्रमिक को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलती है, तो उसके लिए शिकायत एवं आवेदन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को स्वीकृति चेक वितरित किए गए। साथ ही प्रशिक्षण में भाग लेने वाले विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए श्रमिकों को एक दिन का पारिश्रमिक एवं मार्ग व्यय का भी भुगतान किया गया।