नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल के सिद्धार्थ सभागार में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की जयंती अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ लॉर्ड बुद्धा शैक्षिक विकास संगठन के चेयरमैन डॉ. धनंजय कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
डॉ. कुमार ने अपने प्रेरणादायी संदेश में कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन केवल एक धार्मिक धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शन है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तनावपूर्ण युग में बुद्ध के सत्य, अहिंसा, करुणा और मध्यम मार्ग के सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक सजग, संवेदनशील और नैतिक व्यक्ति बनना है। भगवान बुद्ध ने हमें सिखाया कि आत्मसंयम, धैर्य और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही जीवन की कठिनाइयों पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर भगवान बुद्ध के जीवन, उनके विचारों एवं उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, करुणा और मध्यम मार्ग के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भगवान बुद्ध के सिद्धांत न केवल प्रासंगिक हैं, बल्कि मानवता को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी हैं।
विद्यालय के प्राचार्य विजय कुमार, प्रशासक ओम प्रकाश शर्मा, एच.एम. राहुल रंजन एवं परिसर प्रबंधक गौतम कुमार ने भी अपने संबोधन में छात्रों को बुद्ध के आदर्शों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। समापन के अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्रों की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि था, बल्कि छात्रों के भीतर नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करने का एक प्रेरणादायी प्रयास भी रहा।