नवबिहार टाइम्स संवाददाता
अंबा (औरंगाबाद)। कुटुंबा प्रखंड के सांडी गांव में पिछले 11 वर्षों से चला आ रहा मोहर्रम जुलूस मार्ग विवाद गुरुवार को प्रशासन की पहल पर शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया। हर वर्ष मोहर्रम के दौरान इस विवाद को लेकर क्षेत्र का माहौल संवेदनशील बना रहता था, लेकिन इस बार जिला प्रशासन के प्रयास से दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई।
विवाद के स्थायी समाधान के लिए प्राथमिक विद्यालय सांडी परिसर में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संतन कुमार सिंह की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। कई घंटे चली बैठक में दोनों समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी-अपनी बातें रखीं।
बैठक के दौरान अति पिछड़ा समुदाय के लोगों ने वर्षों पुराने पारंपरिक मार्ग से जुलूस निकालने की मांग की, जबकि दूसरे पक्ष ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव रखा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच संवाद हुआ और अंततः सर्वसम्मति से नए मार्ग पर सहमति बन गई।
निर्धारित नए रूट के अनुसार मोहर्रम जुलूस अब सांडी मस्जिद से निकलकर मटपा नहर मार्ग होते हुए संडा-कुटुंबा रोड पहुंचेगा। वहां से रेराही आहर के समीप स्थित पीसीसी सड़क और कचड़ा प्रबंधन इकाई के रास्ते होकर सीधे नदी में उतरेगा तथा कर्बला तक जाएगा।
सहमति बनने के बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों के लोगों को गले मिलवाया और वर्षों पुराने विवाद को भुलाकर आपसी भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए क्षेत्र में शांति और सद्भाव कायम रखने का संकल्प लिया।
मौके पर एसडीपीओ सुशील कुमार, डीएसपी ज्योति कुमारी, बीडीओ प्रियांशु बसु, अंचलाधिकारी चंद्र प्रकाश, इंस्पेक्टर अजय कुमार, कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम, अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज, रिसियप थानाध्यक्ष संजीत राम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों में कुमुद रंजन मिश्रा, मोहम्मद नईम, मोहम्मद गयासुद्दीन, मोहम्मद इकबाल, मुखिया सरुन पासवान, पंचायत समिति सदस्य दिलीप पासवान समेत सैकड़ों ग्रामीण भी बैठक में शामिल हुए।