– घर में लगी आग या रची गई थी साजिश? पिता और बहन की मौत के बाद बड़े बेटे पर लगा आरोप
बेताब अहमद
रफीगंज, औरंगाबाद। पारिवारिक रिश्तों की कड़वाहट जब हादसों का रूप लेने लगे, तो मंजर खौफनाक हो जाता है। जब आपसी विवाद और गुस्सा अपनों के खून का प्यासा हो जाए, तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी एक दिल दहला देने वाली बानगी औरंगाबाद जिला के रफीगंज के मियांबिगहा गांव में देखने को मिली। शुक्रवार की काली रात ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। एक कथित पारिवारिक कलह की आग ने न सिर्फ एक लाचार पिता और उसकी मासूम बेटी की जिंदगी लील ली, बल्कि रिश्तों की मर्यादा को भी हमेशा-हमेशा के लिए खाक कर दिया।

अपनों की नफरत में झुलस गया बचपन
यह सिर्फ एक आगजनी की घटना नहीं है, बल्कि यह कहानी है उन दो बहनों (आफरीन और चांदनी) की, जो पिछले पांच-छह सालों से अपनी फुआ के घर रहकर बेहतर कल के सपने बुन रही थीं। उन्हें क्या पता था कि जिस बड़े भाई को वे अपनी ढाल समझती थीं, वही कथित तौर पर उनके आशियाने को श्मशान बना देगा। आग की लपटों ने 50 वर्षीय पिता मोहम्मद सलीम और उनकी 18 वर्षीय बेटी आफरीन परवीन को इस दुनिया से हमेशा के लिए छीन लिया। वहीं, 16 वर्षीय चांदनी इस समय अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच एक बेहद दर्दनाक जंग लड़ रही है। घटना की सूचना मिलते ही कासमा थाना पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान पिता-पुत्री ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार, बड़े बेटे इश्तेखार पर ही इस हैवानियत को अंजाम देने का आरोप लग रहा है। हालांकि, पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके।

मृतकों की पहचान मियांबिगहा गांव निवासी 50 वर्षीय मोहम्मद सलीम और गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र के बुधपुर गांव निवासी 18 वर्षीय आफरीन परवीन के रूप में हुई है। वहीं, आफरीन की 16 वर्षीय बहन चांदनी परवीन गंभीर रूप से घायल है। दोनों बहनें पिछले पांच-छह वर्षों से अपनी फुआ के घर मियांबिगहा में रह रही थीं। ग्रामीण शदाब आलम के अनुसार, मोहम्मद सलीम और उनके बड़े पुत्र इश्तेखार के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के कारण इश्तेखार ने घर में आग लगा दी। आग की चपेट में आने से सलीम और दोनों बहनें गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर-2 एसडीपीओ आदित्य कुमार, रफीगंज सर्किल इंस्पेक्टर विनय कृष्ण प्रसाद और कासमा थानाध्यक्ष रुपेश कुमार तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि गृहस्वामी सलीम अपने साले की दो बेटियों को अपने साथ रख रहे थे, जिसे लेकर परिवार में भारी तनाव था। क्या यह आग इसी घरेलू विवाद का नतीजा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? एसडीपीओ आदित्य कुमार ने कहा कि पुलिस हर एंगल से आग लगने के कारणों की सघन जांच कर रही है।
गुस्से पर काबू पाना क्यों जरूरी है? यह घटना समाज के लिए एक बड़ा आईना है। जब छोटी-मोटी पारिवारिक अनबन को बातचीत से सुलझाने के बजाय गुस्से की आग में झोंक दिया जाता है, तो अंत में सिर्फ राख और पछतावा ही बचता है। आज एक बेटा आरोपी के कटघरे में है, पिता और बहन दुनिया छोड़ चुके हैं, और एक छोटी बहन अस्पताल में तड़प रही है।