नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम। अमरा तालाब जैसे छोटे से क्षेत्र से लगभग एक वर्ष पूर्व शुरू हुई यह पाठशाला आज शिक्षा, उम्मीद और परिवर्तन की एक मजबूत मिसाल बन चुकी है। सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद, यहाँ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को संवारने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रयास का एक सुंदर उदाहरण पटना में आयोजित गार्गी पाठशाला के चतुर्थ वार्षिक उत्सव में देखने को मिला, जहाँ बच्चों द्वारा तैयार किया गया वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति ने वहाँ उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सभी ने बच्चों की मेहनत, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास की खुलकर सराहना की।

इस मॉडल को तैयार करने में रिद्धि, अनन्या और सीटू जैसे प्रतिभाशाली बच्चों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही, सहयोगी शिक्षकों कंचन कुमारी, मंदा एवं आयुष सर ने बच्चों का मार्गदर्शन कर उन्हें इस स्तर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। नूतन पाण्डेय के नेतृत्व और मार्गदर्शन में बच्चों को समय-समय पर इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों में शामिल किया जाता है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के मुख्य संरक्षक एवं सीनियर आई.पी.एस अधिकारी विकास वैभव ने बच्चों की प्रस्तुति को देखकर उनकी सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे प्रयास न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखारते हैं, बल्कि उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की दिशा भी देते हैं।” उन्होंने जिला मुख्य समन्वयक गार्गी अध्याय रोहतास की नूतन पाण्डेय के इस सराहनीय कार्य की भी प्रशंसा की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
साथ ही मुख्य समन्वयक प्रीती बाला ने भी कहा “नूतन पाण्डेय की सोच और समर्पण ने एक छोटे से स्थान को शिक्षा की रोशनी से जगमग कर दिया। उनके मार्गदर्शन में बच्चे आज सपने देखने ही नहीं, उन्हें साकार करने का साहस भी सीख रहे हैं।”आज यह पहल सिर्फ एक पाठशाला नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बन चुकी है जहाँ छोटे से अमरा तालाब से उठकर बच्चे अपने सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं।