नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम, रोहतास। रोहतास जिला के अमझोर थाना क्षेत्र के रामडिहरा में शुक्रवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस भगवान विश्वकर्मा की पूजा की खुशियों में पूरा गांव डूबा हुआ था, कुछ ही पलों में वह चीख-पुकार और मातम में बदल गई। सोन नदी में मूर्ति विसर्जन करने जा रहे मासूम बच्चों और युवकों को क्या पता था कि तेज रफ्तार में आ रहा एक डंपर उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगा।
तेज गति से आ रहे एक ट्रिप-ट्रॉली डंपर ने शिव मंदिर के पास रुके विसर्जन जुलूस को सीधी टक्कर मार दी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और सात अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस दर्दनाक हादसे ने 26 साल के अमरजीत और महज 12 साल के मासूम आशीष की जिंदगी छीन ली। हादसे के बाद से माताओं और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सड़क पर बिलखती महिलाओं की चीखें हर किसी के कलेजे को छलनी कर रही हैं। अपनी संतानों को खोने के गुस्से और गहरे दुख में डूबे ग्रामीणों ने पूरी रात सड़क पर गुज़ारी। अपनों को खोने का यह दर्द अब प्रशासन के खिलाफ तीखे आक्रोश में बदल चुका है, जिसकी गूंज पूरे डेहरी-रोहतास मार्ग पर सुनाई दे रही है।
घटना ने स्थानीय प्रशासन की कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने टायर जलाकर डेहरी-रोहतास मार्ग को पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे वाहनों की मील लंबी कतारें लग गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डेहरी एसडीएम निलेश कुमार और भारी पुलिस बल को खुद मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा। प्रशासन लगातार आंदोलित ग्रामीणों को शांत कराने और उचित मुआवजे का भरोसा देने में जुटा है, लेकिन ग्रामीणों की मांग सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर अड़ी हुई है।