पांच सौ किसानों को 10 करोड़ से अधिक का नुकसान, कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की बढ़ी चिंता
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मोकामा। गंगा के उफान ने मोकामा में किसानों की कमर तोड़ दी है। बाढ़ के पानी से जान-माल के साथ फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक मार सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर पड़ी है। मोकामा प्रखंड की कई पंचायतों में सैकड़ों बीघे में लगी सब्जी की फसल बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 500 किसानों की पांच हजार बीघे में लगी सब्जी की फसल प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को 10 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी मंगत राम ने बताया कि मोकामा प्रखंड में इस वर्ष करीब 1430 हेक्टेयर भूमि में मक्का और धान की खेती की गई थी। कसहा दियारा, जंजीरा दियारा, शिवनार, बरहपुर और मोर पूर्वी क्षेत्र में सब्जी की फसल को भी व्यापक नुकसान हुआ है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार फसल क्षति करीब 15 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि फसल नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है।
मोकामा के शिवनार गांव समेत दियारा क्षेत्र में सब्जी की खेती करने वाले किसानों को इस बार बाढ़ ने बड़ा झटका दिया है। किसानों ने बेमौसम सब्जियों की खेती कर बेहतर आमदनी की उम्मीद लगाई थी, लेकिन गंगा के बढ़े जलस्तर ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। गंगा का पानी पुराने एनएच को पार कर सैकड़ों बीघे में लगी सब्जी की फसल में प्रवेश कर गया। अब पानी घटने लगा है, लेकिन खेतों में खड़ी फसल पीली पड़कर सूख रही है।
किसानों ने बताया कि गोभी, बैंगन, खीरा, करेला, शिमला मिर्च, मूली समेत अन्य सब्जियों की खेती में हजारों रुपये खर्च किए गए थे। कई किसानों ने अपनी जमीन नहीं होने के कारण पट्टे पर जमीन लेकर खेती की थी। बाढ़ में पूरी फसल बर्बाद होने से उनके सामने लागत निकालना तो दूर, कर्ज चुकाने का संकट खड़ा हो गया है।
शिवनार निवासी किसान अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने सात बीघे में गोभी, खीरा, करेला, शिमला मिर्च और मूली की खेती की थी। फसल से अच्छी आमदनी की उम्मीद थी। खेती को आधुनिक बनाने के लिए उन्होंने इसी वर्ष ड्रोन भी खरीदा था, लेकिन बाढ़ ने पूरी फसल बर्बाद कर दी।
शिवनार, बरहपुर, मोर, कन्हाईपुर, सुल्तानपुर और मेकरा समेत आसपास के क्षेत्रों के किसान भी बाढ़ से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि खेती में बड़ी पूंजी लगाने के बाद फसल बर्बाद हो गई। खासकर कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं।
मोकामा के साथ-साथ घोसवरी प्रखंड के टाल क्षेत्र में आई बाढ़ से धान, मक्का और सब्जी की फसलों को भी व्यापक नुकसान हुआ है। कृषि विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में फसल क्षति का आकलन तेज कर दिया गया है। बाढ़ से तबाह हुई फसलों के मुआवजे के लिए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। किसानों ने सरकार से शीघ्र क्षतिपूर्ति देने की मांग की है, ताकि बाढ़ की मार झेल चुके किसानों को राहत मिल सके।