नवबिहार टाइम्स संवाददाता
कोंच। गया जिले के परैया थाना क्षेत्र में रेलवे लाइन चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसे में केसीसी कंपनी में कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई। परैया पुल के समीप बुधवार रात करीब 9:30 बजे ड्यूटी के दौरान रोड रोलर की चपेट में आने से गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने हादसे पर संदेह जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मृतक की पहचान कोंच थाना क्षेत्र के चतुरी बिगहा गांव निवासी 45 वर्षीय प्रमोद यादव, पिता इंद्रदेव यादव उर्फ नेता जी, के रूप में हुई है। बताया जाता है कि प्रमोद यादव पिछले नौ महीने से केसीसी कंपनी में रात्रि पाली में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे। रोज की तरह बुधवार की शाम भी वह ड्यूटी के लिए परैया स्थित रेलवे निर्माण स्थल पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रमोद यादव ड्यूटी के दौरान अपनी कुर्सी पर बैठकर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान रेलवे लाइन चौड़ीकरण कार्य में लगा एक रोड रोलर अचानक उनकी ओर बढ़ गया और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि प्रमोद यादव का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर परैया थाना पुलिस के साथ डीएसपी सुशांत कुमार चंचल भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर देर रात करीब 2:40 बजे पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया भेज दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रमोद यादव अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। वह तीन भाइयों में मंझले थे और अपने पीछे पत्नी जीरा देवी तथा तीन पुत्रों को छोड़ गए हैं, जिनकी उम्र क्रमशः 20, 18 और 14 वर्ष बताई गई है। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
घटना के बाद परिजनों ने इसे केवल सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए तथा यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इधर, केसीसी कंपनी ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। कंपनी की ओर से मृतक की पत्नी जीरा देवी के नाम 7 लाख रुपये का मुआवजा देने संबंधी करारनामा तैयार किया गया है। इसके अलावा एग्रीमेंट अवधि तक उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 हजार रुपये देने पर भी सहमति बनी है।
मौके पर जिला पार्षद बालेश्वर प्रसाद यादव, राजेंद्र यादव, पूर्व जिला पार्षद रामचंद्र आजाद, पूर्व प्रमुख जितेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता सह चिकित्सक डॉ. अनुज कुमार, दिलीप कुमार दिलेर, उमेश यादव सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।