घरों में घुसा ढाई फीट पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, लक्ष्मण झूला सील
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। आदिगंगा के नाम से प्रसिद्ध पुनपुन नदी इस बार उफान पर है। लगातार बारिश के बाद नदी का जलस्तर भले ही सोमवार से स्थिर है और फिलहाल पानी बढ़ नहीं रहा, लेकिन शहर में प्रवेश कर चुका बाढ़ का पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। पुनपुन का अंतरराष्ट्रीय पिंडदान स्थल पूरी तरह पानी में डूब गया है। घाट की सीढ़ियां और पिंडदान वेदी भी जलमग्न हो गई हैं। पंडा समाज के लोगों के अनुसार, पिंडदान स्थल पर पानी चढ़ने से धार्मिक अनुष्ठानों में भारी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
पुनपुन नगर पंचायत के वार्ड संख्या 1 से 7 तक कई इलाकों में बाढ़ का पानी जमा है। गलियों में करीब दो से ढाई फीट पानी बह रहा है और कई घरों के आंगन व रसोई तक पानी पहुंच गया है। वार्ड 6 की रूबी देवी ने बताया कि तीन दिनों से बच्चे घर की छत पर रहने को मजबूर हैं। सोनी देवी, सरिता देवी, राजेश कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि दूध, राशन और दवा जैसी जरूरी वस्तुओं के लिए भी घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने घाट से सटे इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। सुरक्षा के मद्देनजर पुनपुन के प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला को सील कर दिया गया है। वहां पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग कर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। राहत एवं बचाव दल तथा नावों को तैयार रखा गया है। जलस्तर स्थिर रहने से फिलहाल राहत है, लेकिन दोबारा बारिश होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। बाढ़ के पानी से घिरे पुनपुन शहर के लोग अब पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।