– महिला सुरक्षा को और रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। बिहार की राजधानी पटना और आसपास के जिलों में महिला सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए शुरू की गई ‘पुलिस दीदी’ योजना को धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने के लिए पुलिस महकमा लगातार काम कर रहा है। 26 अगस्त को शुरू हुई इस मुहिम में आ रही शुरुआती अड़चनों को दूर करने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। पटना में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ने एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाया है। शहर के 36 थानों को मिली 360 स्कूटी का शत-प्रतिशत लाभ जनता को मिले, इसके लिए सिटी एसपी मध्य ममता कल्याणी ने मैदानी स्तर पर तैनात ‘पुलिस दीदी’ की कार्यकुशलता को और मजबूत करने का फैसला किया है।अब क्षेत्र में केवल उन्हीं महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा जो दोपहिया वाहन चलाने में पूरी तरह निपुण हैं, ताकि आपातकालीन स्थितियों में वे तुरंत मौके पर पहुंच सकें।
विभाग का मुख्य उद्देश्य पुलिस दीदी योजना की प्रभावशीलता को बनाए रखना है। इसके तहत, जो महिला पुलिसकर्मी वर्तमान में स्कूटी चलाने में सहज नहीं हैं या जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। उनकी जगह पर उन महिला पुलिसकर्मियों को फील्ड में तैनात किया जाएगा जो दोपहिया वाहन चलाने में सक्षम हैं। इससे थानों को मिलीं सभी 10 स्कूटियों का सही उपयोग हो सकेगा।
जिन लगभग 10% महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी चलाना नहीं आता है, वे खुद आगे आकर ड्राइविंग सीख रही हैं। विभाग भी जल्द ही उन्हें पूरी तरह ट्रेंड कर फील्ड में उतारने की तैयारी कर रहा है। जिन थानों में महिला पुलिसकर्मियों की कमी है, वहां सिटी एसपी (मध्य) के निर्देश पर पुलिस लाइंस से अतिरिक्त बल भेजा जा रहा है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे।
इस फैसले के बीच महिला पुलिसकर्मियों में भी सकारात्मक उत्साह देखा जा रहा है। कई पुलिसकर्मियों ने खुद आगे आकर ड्राइविंग सीखने और जल्द ही पूरी तैयारी के साथ क्षेत्र में उतरने की इच्छा जताई है। इस कदम से न केवल पुलिस दीदी का अभियान अधिक गतिशील होगा, बल्कि सड़कों, स्कूलों और कॉलेजों के बाहर मनचलों पर नजर रखने और महिलाओं तक त्वरित सहायता पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी।