जर्जर एंबुलेंस से मरीजों की सेवा करने को मजबूर कर्मी, बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
धनबाद। चार-पांच महीने से वेतन नहीं मिलने और एंबुलेंस की जर्जर स्थिति के विरोध में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कर विरोध जताया। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व एंबुलेंस पायलट दिनेश कुमार यादव ने किया।
दिनेश कुमार यादव ने कहा कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। संघ ने कंपनी और अधिकारियों पर मनमानी, हाजिरी के नाम पर वेतन कटौती तथा विरोध करने पर तबादले और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई करने का आरोप लगाया। संघ के अनुसार, श्रम विभाग में शिकायत के बाद करीब 20 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बावजूद उनकी बहाली नहीं हुई है।

कर्मियों ने जिले में एंबुलेंस की बदहाली पर भी चिंता जताई। उनका दावा है कि जिले में कुल 36 एंबुलेंस हैं, लेकिन इनमें केवल चार-पांच ही किसी तरह चल रही हैं। कई वाहनों के टायर घिस चुके हैं तथा स्टेपनी, ऑक्सीजन व्यवस्था और बॉडी की स्थिति भी खराब है। इसके बावजूद कर्मचारी जोखिम उठाकर मरीजों की सेवा कर रहे हैं।
संघ ने सरकारी स्तर पर वेतन भुगतान की व्यवस्था करने, बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली तथा ईपीएफ, ईएसआईसी, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग की। कर्मियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।